-सीपीसीबी के अनुसार, शाम पांच बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 283.5 और पीएम2.5 की मात्रा 161.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते फिजा में भले ही सुधार आया हो, लेकिन लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। ऐसे में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 330 दर्ज किया गया। जो कि हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 48 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में गुरुग्राम की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 358 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 347, नोएडा में 329 और ग्रेटर नोएडा में 320 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 234 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 13.54 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 10.83, आवासीय इलाकों से 3.31, निर्माण गतिविधियों से 1.77 और कूड़ा जलाने से होने वाले प्रदूषण की 1.21 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 16 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम पांच बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 283.5 और पीएम2.5 की मात्रा 161.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी।