सुपरटेक के ट्विन टावर मामले में शासन की ओर से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोमवार तक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप देगी। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ नेहा शर्मा और नियोजन विभाग के अधिकारी लखनऊ में हैं। रिपोर्ट सौंपने के बाद दोषी अधिकारियों के नामों का खुलासा हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने रविवार तक हर हाल में रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक सौंपने के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में नेहा शर्मा और इश्तियाक अहमद को लखनऊ बुलाया गया है। इन अधिकारियों की उपस्थिति में अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसमें रिपोर्ट के प्रत्येक पन्ने पर एसआईटी की टीम के अलावा इनके भी हस्ताक्षर होने हैं। एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के दस्तावेज भी लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट में जिन कागजात को सबूत के तौर पर लगाना होगा, उनका भी उपयोग किया जाएगा।
प्रभारी सीएपी पर घेरा कसने के आसार
सूत्रों के मुताबिक , प्राधिकरण में तैनात रहे तीन तत्कालीन चीफ आर्किटेक्ट टाउन प्लानर (सीएपी) पर घेरा कस सकता है। तीनों 2014 तक प्राधिकरण में प्रभारी सीएपी के तौर पर तैनात रहे हैं। इसके अलावा निचले स्तर का एक कर्मचारी भी फंसता नजर आ रहा है। इंजीनियरिंग विभाग के कुछ अधिकारियों को भी जवाबदेह की श्रेणी में लाया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने टावर गिराने के दिए हैं आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में 40 मंजिला ट्विन टावर एपेक्स और सियान को तीन माह में गिराने के आदेश दिए हैं। इसमें सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) का सहयोग लेने को कहा गया है। सीबीआरआई ने मौके का जायजा भी लिया है। इसकी रिपोर्ट अभी दी जानी है। इस मामले में सुपरटेक ने सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर दो में से केवल एक टावर गिराने की अपील की है। सुपरटेक का तर्क है कि एक टावर गिराने से ही मामले का हल हो सकता है। इसके बाद नियमों के तहत प्रोजेक्ट को माना जा सकता है। वहीं, नुकसान भी कम होगा।