प्रबीण ने कहासुनी और हाथापाई करने के दौरान अपना राइफल उठा लिया और पिंटो नामग्याल भूटिया और इंद्र लाल छेत्री को गोली मार दी। प्रबीण के सिर पर खून सवार हो गया था। प्रबीण के गुस्से को देखकर धनहांग सुब्बा कमरे से बाहर भाग गए और खुद को कमरे के बाहर बाथरूम में छुपाने की कोशिश करने लगे। लेकिन प्रबीण ने बाथरूम के दरवाजे के पास ही उन्हें गोलियों से भून दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि दो लोगों का शव कमरे में पड़ा है और जबकि सुब्बा बाथरूम में पड़े हैं। उनकी मौत नहीं हुई थी। पुलिस ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरने वाले सभी जवानों के परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके दिल्ली आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।