इस मामले ने तब राजनीतिक मोड़ ले लिया जब कई कांग्रेस नेताओं के नाम विवाद में घसीटे गए। दुबई और भारत के कुछ बिचौलियों को भी एजेंसियों ने खरीद सौदे को सुविधाजनक बनाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने अपने पहले के आरोपपत्र में अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (करीब 2,666 करोड़ रुपये) का अनुमानित नुकसान होने का आरोप लगाया था।
सीबीआई ने हाल ही में 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में पूर्व रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा और भारतीय वायु सेना के चार कर्मियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था। इसके अलावा सीबीआई ने तत्कालीन एयर वाइस मार्शल जसबीर सिंह पनेसर (अब सेवानिवृत्त), उप मुख्य परीक्षण पायलट एस ए कुंटे, तत्कालीन विंग कमांडर थॉमस मैथ्यू और ग्रुप कैप्टन एन संतोष के खिलाफ आरोपपत्र किया था। कुंटे और संतोष एयर कमोडोर के पद से सेवानिवृत्त है।
सीबीआई ने तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी पर हेलीकॉप्टरों की परिचालन सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर करने की सिफारिश करने का आरोप लगाया है, जिससे अगस्ता वेस्टलैंड को दौड़ में लाया गया था। सीबीआई के अनुसार, फिनमेकेनिका और अगस्ता वेस्टलैंड के शीर्ष अधिकारियों के इशारे पर किया गया था, जिन्होंने तीन बिचौलियों- क्रिश्चियन मिशेल, गुइडो हाश्के और कार्लोस गेरोसा की सेवाओं को शामिल किया था, जिन्होंने त्यागी और उनके चचेरे भाई राजीव, संदीप को कथित रूप से रिश्वत दी थी।
मामले में पहला आरोप पत्र सितंबर 2017 में पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी और अन्य के नाम पर दायर किया गया था। इसके बाद सितंबर 2020 में मिशेल और अन्य के खिलाफ एक और आरोप पत्र दायर किया गया।