आरोपी आफताब पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था, जिसे 17 नवंबर को पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को श्रद्धा हत्याकांड की 75 दिन की जांच के बाद आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ 6636 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दायर कर दी। आरोपपत्र में पुलिस ने दावा किया कि इस बात के ठोस साक्ष्य है कि आफताब ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।
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अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान के लिए सुनवाई 7 फरवरी तय करते हुए आफताब की न्यायिक हिरासत अवधि 7 फरवरी तक बढ़ा दी। वहीं, आफताब ने अदालत से आरोपपत्र की प्रति अपने वकील को नहीं दिखाने का आग्रह किया है। आरोपपत्र में पुलिस ने खुलासा किया कि श्रद्धा दोस्त से मिलने गुरुग्राम गई थी, इससे खफा होकर आफताब ने उसकी हत्या कर दी थी, टुकड़े करने के लिए कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था।
साकेत अदालत में दायर आरोपपत्र में पुलिस ने 100 से अधिक लोगों की गवाही और फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को आधार बनाया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी के नार्कों व पॉलिग्राफ टेस्ट से भी से इस बात की पुष्टि हुई है कि आफताब ने ही श्रद्धा की हत्या की है। गवाहों के बयानों के अलावा अन्य साक्षयों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित करने के ठोस आधार है।
क्या है मामला
गौरतलब है कि आफताब ने कथित तौर पर 18 मई को श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काट दिया था। शव के टुकड़ों को उसने कई दिनों तक शहर भर में फेंकने से पहले दक्षिणी दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर के फ्रिज में रखा था।
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छतरपुर के जंगलों से बरामद हड्डियां और मृतका की डीएनए रिपोर्ट जिसमें पुष्टि हुई की हड्डियां श्रद्धा की ही थीं, ये सब चार्जशीट का हिस्सा हैं। इसके अलावा आफताब पूनावाला का कबूलनामा और नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी शामिल है।
आरोपी आफताब पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था, जिसे 17 नवंबर को पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है।