नौकरी का झांसा देकर मेघालय से गुरुग्राम लाई गई 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता दो दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं पाई है। पुलिस में बयान दर्ज होने के बाद जिला बाल कल्याण कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की ओर से शेल्टर होम में रखे जाने के बावजूद वह सहमी हुई है।
रातभर पीड़िता रोती रही। उसने ट्रांसलेटर की मदद से अपनी भावनाएं व्यक्त की। बताया कि उसका लोगों से विश्वास उठ गया है। वहीं पुलिस ने पकड़े गए तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जबकि दो आरोपियों की तलाश जारी है।
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन शकुंतला ढुल ने बताया कि पीड़िता को अभी अच्छा माहौल देने की कोशिश की जा रही है। पुलिस उपायुक्त को पत्र लिखकर उसके परिजनों को सूचित करने के लिए बोल दिया गया है।
उधर पुलिस की गिरफ्त में जींद निवासी भूपेंद्र, चौमां गांव निवासी ओमप्रकाश और महिला ऋतु को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया।
बृहस्पतिवार अलसुबह दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के साथ गुरुग्राम लाई गई पीड़िता को शाम को सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया, जहां से उसे शेल्टर होम में भेज दिया गया।
सीडब्ल्यूसी अधिकारियों के मुताबिक पीड़िता रातभर रोती रही और सहमी-सहमी रही। शेल्टर होम में तैनात महिलाकर्मी ने उसे काफी समझाया तब कहीं जाकर वह चुप हुई।
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन के मुताबिक पीड़िता को हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही नहीं आती। इसके बात करने में भाषाई समस्या आई, एनजीओ शक्तिवाहिनी के अधिकारी को दुभाषिया बनाकर उससे बातचीत की गई। उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मेघालय से जो अमन नामक युवक उसे गुुरुग्राम में नर्सिंग की नौकरी के लिए लेकर आ रहा है वह उसके साथ ऐसा करेगा।
पीड़िता बार-बार कह रही है कि यहां आकर उसने जिस पर भी विश्वास किया उसने उसे धोखा दिया। उसके सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है, इसके बाद काउंसलिंग की जाएगी। बच्ची के परिजनों को सूचना देने के लिए पुलिस उपायुक्त को पत्र लिखकर बता दिया गया है।
रातभर दबिश देती रही पुलिस
मेघालय सरकार के संज्ञान के बाद पीड़िता के आरोपी दो भाई अमन व लोकेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें पूरी रात गुरुग्राम समेत दिल्ली के आसपास के ठिकानों पर दबिश देती रही। हालांकि दोनों ही आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं।