दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) मास्टर प्लान-2041 तैयार करने के लिए पूरी दिल्ली की मैपिंग कराने जा रहा है। इसके लिए सेटेलाइट के साथ ड्रोन का भी सहारा लिया जाएगा। इसके जरिये डीडीए दिल्ली में खाली पड़े प्लॉट, आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों समेत दूसरे ढांचों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएगा।
डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली का मौजूदा मास्टर प्लान- 2021 में खत्म हो रहा है। मास्टर प्लान- 2041 एक जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा। इसके लिए सबसे पहले दिल्ली के मौजूदा हालात की जानकारी जुटाई जाएगी। इस काम में एयरक्राफ्ट व यूएबी ड्रोन, समेत ऑर्थो इमेज आधारित जीआईएस मैपिंग करवाई जाएगी।
इस रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया गया है। डीडीए अधिकारी ने बताया कि अंतिम परिणाम दिल्ली शहर के जीआईएस आधारित बेस मैप के तौर पर तैयार होगा। इससे शहर में मौजूदा भूमि उपयोग को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं तैयार करना आसान रहेगा।
मास्टर प्लान के लिए दस सेक्टरों की पहचान
डीडीए ने मास्टर प्लान- 2041 के लिए 10 सेक्टरों की पहचान की है। इसमें पर्यावरण, आवास, अर्थव्यवस्था और नियोजन, भूमि, विरासत, जल, ऊर्जा, ठोस एवं तरल अपशिष्ट, सामाजिक अवसंरचना एवं परिवहन का ध्यान में रखा गया है। सभी सेक्टर के विशेषज्ञों की टीमें तीस कोर एजेंसियों व 30 से अधिक गैर कोर एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगी। इसमेें दुनिया भर के अनुभवों से सीख लेते हुए उसे मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।