फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेडबुल पीने के शौकीन हैं तो पढ़ लें इसे, टेंशन दे सकती है यह खबर

Thu, 16 Feb 2017 05:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
red bull - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एनर्जी ड्रिंक रेडबुल पीने के शौकीनों के लिए यह खबर दुख देने वाली हो सकती है। क्योंकि रेडबुल कंपनी को नोटिस दे दिया गया है। । शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंस्टेंट एनर्जी का पर्याय बना रेडबुल आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
विज्ञापन


ये खुलासा गाजियाबाद के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से किया गया है। फूड एवं सेफ्टी के असिस्टेंट फूड कमिश्नर उत्तर प्रदेश सरकार राम अर्ज मौर्या ने बताया कि गाजियाबाद और मेरठ समेत कई और शहरों में भी रेडबुल एनर्जी ड्रिंक अनसेफ पाया गया है, जिसमें कैफीन की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई है। सूत्रों की मानें तो खाद्य विभाग मैगी की तरह रेडबुल पर भी रोक लगाने की सिफारिश कर सकता है।

गाजियाबाद के डीओ फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट अजय जायसवाल की मानें तो पैक्ड खाद्य पदार्थों और ड्रिंक में मिलावट की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद सघन अभियान चलाकर दिसंबर में रेडबुल के नमूने लिए गए, जो जांच में अनसेफ पाए गए।
विज्ञापन

रेडबुल एनर्जी ड्रिंक के सैंपल अन्य जिलों में भी फेल हुए हैं

red bull - फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं कई खाद्य पदार्थों के नमूने और बड़े ब्रांड के खाद्य पदार्थ भी जांच में फेल हो गए। इससे मामला संवेदनशील हो गया है,  जिसके चलते बुधवार को मेरठ में एक बैठक भी बुलाई गई है। सिर्फ गाजियाबाद में ही नहीं बल्कि रेडबुल एनर्जी ड्रिंक के सैंपल अन्य जिलों में भी फेल हुए हैं।

सुल्तानपुर, कानपुर, मेरठ और अंबेडकर नगर में भी नमूने अनसेफ पाए गए हैं। लिहाजा रेलबुल कंपनी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। साहिबाबाद एवं गाजियाबाद के विभिन्न प्रतिष्ठानों से रेडबुल के सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच लखनऊ स्थित स्टेट लैब में हुई और वहां से आई रिपोर्ट में सैंपल फेल पाए गए हैं।

डीओ ने बताया कि रेड बुल एनर्जी ड्रिंक कैफीन की मात्रा ज्यादा पाई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसकी रिपोर्ट मेरठ में असिस्टेंट कमिश्नर को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही असिस्टेंट फूड कमिश्नर उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी बताया कि कंपनी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया जाएगा।
विज्ञापन

सेहत के लिए हानिकारक

red bull - फोटो : अमर उजाला
उधर, फिजिशियन डा. अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन करने से उसकी लत लग जाती है और लोग हाइपर एक्टिव हो जाते हैं। दिल के रोगी अधिक मात्रा में सेवन करें तो पल्स रेट बढ़ जाता है, जिससे समस्या हो सकती है।

किसी भी एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा 145 पीपीएम (पार्ट पर मीलियन) होना चाहिए। फूड डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार रेडबुल एनर्जी ड्रिंक में 145 पीपीएम की जगह 395 पीपीएम की मात्रा पाई गई, जो सेहत के लिए हानिकारक है। इसलिए रिपोर्ट में रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का सैंपल अनसेफ कैटेगरी में आया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें