अब नौ हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ों पर तैनात जवानों को 'हाई एटीट्यूड' मेडल से नवाजा जाएगा। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनावली स्थित आईटीबीपी कैंप के 55 वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में यह एलान किया। इसके साथ ही शहीद परिवारों को मिलने वाली मदद राशि को 15 लाख से बढ़ाकर 35 लाख करने की भी घोषणा की। यह घोषणा 1 जनवरी 2016 से लागू होगी।
आईटीबीपी की परेड की सलामी लेने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों के साहस और सतर्कता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी की मुस्तैदी और साहस का ही नतीजा है कि वर्ष 2014 से अब तक घुसपैठ की घटनाओं में 60 फीसदी तक कमी आई है।
अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद में आईटीबीपी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आईटीबीपी के जवान चीते जैसी ड्रेस में नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं। आईटीबीपी की महिला वाहिनी बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) पर तैनात होकर नारी सशक्तीकरण का झंडा बुलंद कर रही हैं।
इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री ने शहीद के परिवार को 35 लाख रुपये मदद राशि की घोषणा की। साथ ही युद्ध में किसी जवान की शारीरिक क्षति हो जाती है तो मदद के रूप में 10 लाख के बजाय 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
हालांकि इस बढ़ाई गई रकम को उन्होंने अब भी नाकाफी बताया। इसे और बढ़ाने का प्रयास जारी रखने की बात कही। गृहमंत्री ने शहीद परिवारों के बच्चों को उनके प्रयास से एक फाउंडेशन ने नि:शुल्क शिक्षा देने की जिम्मेदारी उठाई है। राजनाथ सिंह ने हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 47 करोड़ रुपये और बैरकों के लिए 913 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की भी जानकारी दी। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने साहसी और उत्कृष्ट सेवा देने वाले आईटीबीपी के अधिकारियों व जवानों को भी मेडल देकर सम्मानित किया।
'आतंकवाद कायरों का हथियार है'
अपने संबोधन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और सीमापार के दुश्मनों पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद कायरों का हथियार है, वीर सीने का बटन खोलकर सामने से वार करते हैं। आतंकी गतिविधियों और सीमापार से हो रही गोलीबार का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है लेकिन पहली गोली हमारी ओर से नहीं चलेगी।
महिला टुकड़ी ने की अगुआई
आईटीबीपी भवन में आयोजित परेड़ की अगुवाई आकांक्षा सिंह के नेतृत्व वाली महिला वाहिनी टुकड़ी ने किया। इसके अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नौवीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ बार्डर ट्रॉफी, 3 पदाधिकारियों को प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल फॉर गेलेंटरी, नौ पदाधिकारियों को पुलिस मेडल फॉर गेलेंटरी समेत 30 पदाधिकारी व जवानों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। आईटीबीपी जवानों ने परेड व ड्रिल के अलावा अन्य गतिविधियों में भी जौहर दिखाये। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और आईटीबीपी के महानिदेशक कृष्ण चौधरी भी मौजूद रहे।