आज धनतेरस है। इसको लेकर शहर के बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। बर्तनों के बाजार और ज्वेलर्स की दुकानों पर अलग सी रौनक बनी हुई है। मार्केट को झालरों से सजाया गया है। कई जगह ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं। इस बार मार्केट में बर्तनों से लेकर ज्वेलरी खरीदने का अलग ट्रेड दिख रहा है। शुक्रवार को धनतेरस पर खरीदारी के लिए बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ेगी । इसलिए बेहतर है कि समय रहते खरीदारी कर ली जाए, वरना दुकानों के बाहर ही खड़े रह जाएंगे।
बर्तनों के लिए यहां से कर सकते हैं खरीदारी
धनतेरस के दिन ज्यादातर लोग बर्तन जरूर खरीदते हैं। बाजार में बर्तनों की भी कई तरह की वैरायटी उपलब्ध है। जयपुर डिजाइन से लेकर मुगलों के समय इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन बाजार में छाए हुए हैं। इनकी रेंज भी अलग-अलग है। इंदिरा , हरौला, अट्टा और भंगेल के बाजार बर्तनों के लिए बेहतर माने जाते हैं। तो इन बाजारों का रुख कर सकते हैं। लेकिन अगर डिजाइनर बर्तन चाहिए तो इंदिरा बाजार में ढेरों विकल्प मौजूद रहेंगे। हालांकि हरौला और भंगेल के बाजार में अन्य बाजारों की तुलना में सस्ते रेट पर बर्तन मिल जाएंगे। इन सभी मार्केट में जबरदस्त भीड़ रहने की उम्मीद है।
सोना महंगा, पर बुकिंग पर नहीं पड़ रहा प्रभाव
धनतेरस के दिन सोना खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है। ज्वेलर्स की इस दिन की खरीदारी पर निगाहें टिकी हुई हैं। नोएडा के ज्वेलर्स करोड़ों की खरीदारी की उम्मीद लगाए बैठे हुए हैं। इसलिए ज्वेलर्स इस दिन पर विशेष ऑफर्स भी दे रहे हैं। हालांकि इस बार पिछली बार की तुलना में सोना थोड़ा महंगा है। लेकिन बुकिंग पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। सबसे ज्यादा लोग सोने की गिन्नी और चांदी के नोट खरीद रहे हैं। अट्टा बाजार के ज्वेलर विपुल अग्रवाल ने बताया कि सोने का रेट पिछली बार की तुलना में करीब 4 हजार रुपये ज्यादा है। हालांकि इसका इतना प्रभाव नहीं दिख रहा है।
सार्वजनिक वाहन का करें प्रयोग
अधिकांश बाजार में पार्किंग के सही व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वाहन खड़े करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में इधर - अधर वाहन खड़े करना भारी पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस जगह - जगह तैनात मिलेगी। अगर कहीं पर बिना पार्किंग के गाड़ी खड़ी मिली तो तुरंत उसको उठा लिया जाएगा। ऐसे में इधर- उधर भटकना पड़ेगा।
शाम 6.15 से सवा 8.15 बजे शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन शाम को भगवान लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की पूजा की जाती है। पंडितों के मुताबिक शाम को 6.15 से 8.15 तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। सेक्टर - 56 लक्ष्मी नारायण मंदिर के पंडित सितेश ज्ञा ने बताया कि वैसे तो कभी भी पूजा की जा सकती है। लेकिन शाम को 6.15 बजे से 8.15 बजे तक का शुभ मुहूर्त है। इस दिन बही - खाता, कलम, तक की पूजा की जाती है। इससे लक्ष्मी का निवास होता है।