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अच्छा हुआ कि गांधी जी का चश्मा ले गए!

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जिन लोगों ने महापुरुषों और पुराने नेताओं की मूर्तियां लगवाने का सियासी लाभ उठाया अब उन्हीं ने उन्हें नजरंदाज कर दिया है। एनएच-पांच में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और रोज गार्डन में भारत रत्न राजीव गांधी की मूर्ति इस समय अपनी हालात पर आंसू बहा रही हैं।
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इस समय यहां महात्मा गांधी और राजीव गांधी को अपना आदर्श मानने वाली कांग्रेस का शासन है। यहां महात्मा गांधी की मूर्ति एनएच-पांच स्थित मित्तल कांप्लेक्स के पीछे गली में सड़क के किनारे लावारिस हालत में खड़ी है। उस पर चश्मा नहीं है।

गांधी जी के विचारों को मानने वाले कहते हैं कि शुक्र है इस समय चश्मा नहीं है वरना वे यहां के लालची लोगों की हरकतें देखकर दुखी होते।

राजीव गांधी की भी मूर्ति का है बुरा हाल

महात्मा गांधी कहते थे कि लालच के सिवाय प्रकृति आदमी की सभी जरूरतों को पूरा कर सकती है। लेकिन आज उन्हीं के देश में कुछ लालची लोगों ने उनकी मूर्ति की दुर्गति कर दी है।

दूसरी ओर रोज गार्डन में लगी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मूर्ति की सुरक्षा के लिए लगाए गए स्टील के पोल और जंजीरें न जाने किसने तोड़ दी हैं। यह मूर्ति मेयर अशोक अरोड़ा ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी इमेज बनाने के लिए लगवाई थी।

उसके बाद वे भूल गए कि उसकी हालत क्या है। अब उन्हें इस मूर्ति की याद 21 मई को राजीव गांधी के बलिदान दिवस पर आएगी। जब उन्हें यहां किसी बड़े नेता को बुलाना होगा।
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राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए बनवाई जाती हैं मूर्तियां

समाजशास्त्री डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ये मूर्तियां सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए बनवाई जाती हैं। स्वार्थ सिद्ध होने के बाद नेता उन्हें उनकी हालत पर छोड़ देते हैं। जबकि ऐसा करना महापुरुषों का अपमान है।

फरीदाबाद नगर निगम के मेयर अशोक अरोड़ा का कहना है कि मैं दोनों मूर्तियों के बारे में सोमवार को पता करवाता हूं। नगर निगम अधिकारियों को कहकर दोनों की हालत ठीक करवाई जाएगी।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बीआर ओझा ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं थी कि दोनों मूर्तियों के साथ ऐसा हो रहा है। शनिवार को पार्टी की मीटिंग है। इसमें सभी कार्यकर्ताओं से बातचीत करके नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा, ताकि इनकी हिफाजत हो सके।
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