मोहम्मद राशिद की गोली मारकर हत्या करने का मामला:
- हारून ने पुलिस टीम पर चलाई थीं 5 गोलियां, पुलिस ने भी चलाई 9 गोलियां, एक हारून की टांग में लगी
- मई में गैंगस्टर अक्की डॉन की हत्या के बाद शुरू हुआ खूनी खेल, मौत का बदला लेने के लिए की गई राशिद की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में 15 जून को हुई मोहम्मद राशिद (42) की हत्या के मामले में फरार बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। आरोपी की पहचान हारून सैफी उर्फ हारून (24) के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान हारून की टांग में गोली लगी है।
अक्की डॉन और नसीम दुर्रानी गिरोह के बीच चल रही गैंगवार में मई में सबसे पहले अक्की डॉन की हत्या हुई थी। उसके बाद दोनों गैंग ने एक दूसरे पर हमले शुरू कर दिए थे। अक्की गिरोह के लोगों को लगता था कि उसकी हत्या में नसीम दुर्रानी के करीबी राशिद पानी वाले का हाथ है। इसी वजह से बदला लेने की नियत से राशिद की हत्या हुई।
पकड़ा गया आरोपी हारून अक्की डॉन का सगा भांजा है। उस पर पहले से दिल्ली और हरियाणा में कुल 9 मामले दर्ज हैं। हथियार सप्लाई करने के अलावा आरोपी जबरन वसूली करता है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक आधुनिक पिस्टल, दो कारतूस, पांच खोखे और एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस इससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि राशिद हत्याकांड के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी कड़ी में पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद कर ली थी। छानबीन के दौरान पता चला कि राशिद हत्याकांड की साजिश हारून ने रची है।
टीम को सूचना मिली कि आरोपी खजूरी मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। इस बीच आरोपी स्कूटी पर किसी से मिलने आया और जाने लगा। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया तो आरोपी ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। एक गोली हवलदार मुकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर उसे सरेंडर करने के लिए कहा। आरोपी की दूसरी गोली एसआई कौशिक घोष की जैकेट पर लगी। बाद में पुलिस ने गोली मारकर हारून को काबू कर लिया। दोनों ओर से कुल 14 गोलियां चलीं।