मतगणना का दिन नजदीक आने के साथ ही ईवीएम मशीन सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसके तहत द्रोणाचार्य कॉलेज के उस हिस्से में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां मतदान के बाद ईवीएम मशीनें रखी गई हैं। यानी स्ट्रांग रूम में सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
10 अप्रैल को मतदान के बाद गुड़गांव जिला की चारों विधानसभा की ईवीएम मशीनों को द्रोणाचार्य कॉलेज में बनाए स्ट्रांग रूम में रखा गया है।
पहले दिन से ही हरियाणा पुलिस के साथ बीएसएफ और आईआरबी की टुकड़ी इनकी सुरक्षा में तैनात है। मंगलवार से कॉलेज के मुख्य गेट पर फायर ब्रिगेड और पुलिस पीसीआर भी तैनात कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से की जिम्मेदारी हरियाणा पुलिस, दूसरे हिस्से की आईआरबी और सबसे गूढ़ हिस्से की सुरक्षा बीएसएफ की टुकड़ी को सौंपी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी बीएसएफ के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया मेन गेट पर हरियाणा पुलिस के सशस्त्र जवान तैनात हैं। उनकी इजाजत के बगैर कोई भी कॉलेज के मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही किसी को अंदर आने की अनुमति दी जा रही है।
कॉलेज के पिछले गेट पर भी ऐसी ही सुरक्षा है। दूसरे स्तर की सुरक्षा में आईआरबी की चौथी टुकड़ी तैनात है। स्ट्रांग रूम के बाहर आईआरबी के जवानों को को नियुक्त किया गया है। तीसरी और अंतिम स्तर की सुरक्षा बीएसएफ की 150वीं बटालियन के जिम्मे हैं।
स्ट्रांग रूम के अंदर की सारी सुरक्षा व्यवस्था बीएसएफ संभाल रही है। इसके अलावा पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल के निर्देश पर नाके लगाकर आने-जाने वाले वाहन चालकों की जांच की जा रही है। इसके लिए बाकायदा रजिस्ट्रर में वाहन का नंबर, चालक का नाम और पता दर्ज किया जा रहा है। बार-बार चक्कर लगाने वाले वाहनों पर गहनता से नजर रखी जा रही है।
मतगणना की तैयारी शुरू
मतगणना में अभी 10 दिन बाकी है, लेकिन प्रशासन ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। कॉलेज में बांस के बैरिकेट्स बनाकर आवाजाही के अलग-अलग रास्ते बनाए जा रहे हैं। साथ ही गिनती के लिए डेस्क बनाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। लोहे की ग्रिल आदि लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ मतगणना की तैयारियों की रूपरेखा बनाई।