नौकरी दिलाने के बहाने लोगों का बैंक खाता खुलवाकर उसे जालसाजों को बेचने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कमल विहार बुराड़ी निवासी आदित्य के रूप में हुई है। आरोपी पीड़ितों के बैंक खाते को जामताड़ा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जालसाजों को बेच देता था। जालसाज इन बैंक खातों का इस्तेमाल जालसाजी के लिए करते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं।
सफदरजंग एंक्लेव निवासी शिव शंकर साहा ने 17 जून को राष्ट्रीय क्राइम पोर्टल पर ठगी की शिकायत की। दक्षिण पश्चिम जिला साइबर सेल में शिकायत आने पर पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें अपने बीएसईएस बिजली बिल को अपडेट करने और बिल अपडेशन के लिए बीएसईएस में 10 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा। पीड़ित ने अपने एचएसबीसी क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया। बातचीत के दौरान ही आरोपी ने उन्हें बातों में उलझा कर रखा और उनके क्रेडिट कार्ड से 1.98 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज कर लिया।
साइबर सेल के निरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरु की। पता चला कि पीड़ित के पैसे तीन अलग अलग खातों में जमा किए गए हैं। एक खाता समता विहार निवासी कुणाल के नाम पर था। पुलिस ने कुणाल से पूछताछ की। उसने बताया कि कमल विहार निवासी आदित्य ने उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने उनका खाता खुलवाया था। पुलिस ने आदित्य की तलाश शुरु की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने दो महीने पहले कुणाल का बैंक खाता खुलवाया था। इस बैंक खाते के सारे कागजात उसने पश्चिम बंगाल में रहने वाले एक व्यक्ति को कूरियर कर दिए थे। उस व्यक्ति से वह एक टेलीग्राम समूह पर संपर्क में आया था। जहां पर जालसाज नकली बैंक खाता ठगी और धोखाधड़ी के लिए खरीदते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जालसाजों की धर पकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।