निर्माणाधीन कंपनी में बंगाल, नेपाल व बिहार सहित अन्य राज्यों के करीब चार हजार श्रमिक काम कर रहे हैं। सभी श्रमिक कंपनी परिसर में ही रहते हैं और तीन माह से वेतन नहीं दिया गया। इसके विरोध में गुरुवार को सभी श्रमिक कंपनी के अंदर एकत्रित हुए और हड़ताल करने का निर्णय लिया। अधिकारियों पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप भी लगाया। इस दौरान कंपनी अधिकारियों ने श्रमिकों के साथ हाथापाई की तो उन्होंने अफसरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
इसके बाद कंपनी में श्रमिक एकत्र हो गए और किसी तरह मामला शांत हो सका। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी के अधिकारी वेतन समेत अन्य समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो हड़ताल जारी रहेगी। करीब एक माह पूर्व भी कुछ इसी तरह का बवाल कंपनी में हो चुका है। उधर, पुलिस का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आती है तो जांच करने के बाद कार्रवाई कराई जाएगी।