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गंदगी में जिंदगी: टूटी गलियां, जर्जर सड़क, बदहाली का शिकार है नेहरु विहार, साफ पानी को भी मोहताज हजारों लोग

Fri, 11 Oct 2024 10:14 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि साफ पानी पीने के वह मोहताज हो गए हैं। पार्कों में अव्यवस्था का अंबार है। इसके चारों ओर गंदगी फैली हुई है। बेसहारा पशु का झुंड लगा है। 
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के नेहरु विहार इलाके की टूटी गलियां, जर्जर सड़कों से लोग परेशान हैं। जगह-जगह गलियों में नालियां ओवर फ्लो हैं। इससे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। इसके बीच से ही लोग जाने को मजबूर हैं। इससे लोगों को आने-जाने में खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां की बड़ी आबादी तमाम तरह की जनसमस्याओं से जूझ रही है। इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि साफ पानी पीने के वह मोहताज हो गए हैं। पार्कों में अव्यवस्था का अंबार है। इसके चारों ओर गंदगी फैली हुई है। बेसहारा पशु का झुंड लगा है। स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अपनी रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बात की।

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दरअसल, नेहरू विहार में करीब तीन हजार से अधिक घर हैं। यहां 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इलाके की महिलाओं ने कहा कि उनके लिए सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। रात के समय कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट खराब है। इससे रात के समय कहीं भी जाने से डर लगता है। उनका कहना है कि यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए छात्र-छात्राएं आती हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। उधर, बुजुर्गों व युवाओं ने कहा कि पार्क की हालत बदतर है। इससे वह सैर नहीं कर पाते हैं। जबकि युवाओं को खेल गतिविधियों से दूर होना पड़ा है। लोगों ने बताया कि वह इस मामले में दिल्ली नगर निगम से लेकर लोक निर्माण विभाग के पास चक्कर लगाकर थक गए हैं। उनकी समस्याओं को सुलझाने वाले कोई नहीं है।

ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए के महासचिव राजीव सहगल ने बताया, 'मैं 1984 से यहां रह रहा हूं, लेकिन 10-12 साल से इस इलाके की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सड़कें टूटी होने से कई बार रिक्शा, दोपहिया वाहन पलट जाते हैं। इससे उन्हें चोटिल होना पड़ता है। हम सबकी शासन-प्रशासन से यही गुहार है कि यहां की समस्याओं को दूर किया जाए।'
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ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए के प्रधान ने कहा, 'चालीस साल से यहां हूं। नालियों की साफ-सफाई नहीं हो रही है। बारिश में सड़कें जर्जर हो गई हैं। स्कूली बच्चे जाते हैं तो उन्हें आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपनी समस्याओं को लेकर सबके पास गए, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।'

डी-ब्लॉक नेहरु विहार आरडब्ल्यूए के प्रधान ने कहा, 'यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए छात्र आते हैं। यही लोग आगे जाकर अधिकारी बनते हैं, लेकिन उन्हें जब कोई सुविधा नहीं मिलेगी तो वह कैसे ठीक से पढ़ेंगे। रास्तों में इतने गड्ढ़े हैं कि डर लगता है, कहीं को अप्रिय घटना न घट जाए। यहां की गलियां और सड़कों की जल्द मरम्मत होनी चाहिए।'

नेहरु विहार में रहने वाले सचिन मावी ने कहा, पहले यहां बस स्टैंड होता था, बसें आती थी। लेकिन जब से सड़कें जर्जर हुईं हैं तो कोई बस यहां नहीं आती है। इससे लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल चलकर आना होता है। विधायक से लेकर पार्षद तक के पास गए, लेकिन कोई समस्याओं को सुनने के लिए नहीं है।'

नेहरु विहार में रहने वाली पूजा ने बताया, 'पेड़ों के तने घरों तक पहुंच गए हैं। लेकिन, कोई उनकी कटिंग नहीं कर रहा है। महिला सुरक्षा के लिए यहां कुछ नहीं है। हर वक्त मन में डर बना रहता है। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस को कुछ करना चाहिए।' वहीं, रेखा ने बताया, 'नेहरु विहार में रहने वाले सीवर ओवर फ्लो हैं। गलियों में नालियों का पानी भर रहा है। लेकिन, कोई देखने वाला नहीं है। इससे जल जनीत बीमारियों फैल रही हैं। घर का कार्य करें या जनसमस्याओं को दूर करने के लिए आवाज उठाएं। महिलाओं सुरक्षा का भी यहां बड़ा सवाल है। पार्कों में खुले तौर पर असामाजिक तत्वों का बोलबाला है। इससे महिलाएं पार्क जाने से कतराती हैं।'

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