डॉ. अनिल गोयल
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दिल्ली सरकार स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम का दावा कर रही है। चुनावी मुद्दा भी है। भाजपा बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव लड़ रही है। इस बार सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के लिए आप सरकार द्वारा दी जा रही मुफ्त सुविधा भी है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर छात्र सड़क पर हैं। इन तमाम सवालों पर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के सह संयोजक डॉ. अनिल गोयल से अमर उजाला संवाददाता ने बातचीत की।
दिल्ली के सियासी हालात पिछले विधानसभा चुनाव जैसे ही हैं। चुनौती दोबारा केजरीवाल से ही है, राजनीति की काट क्या है?
भाजपा के पास कई राष्ट्रीय व स्थानीय मुद्दे हैं। केजरीवाल सरकार के झूठों का कच्चा चिट्ठा दिल्ली की जनता के सामने है। भाजपा जो कहती है वह करती है, यह पूरी दिल्ली वालों को पता है।
दिल्ली सरकार बिजली-पानी पर सब्सिडी दे रही है। भाजपा इस दिशा में क्या सोच रही है?
केजरीवाल सरकार बिजली पर धोखा दे रही है और पीने के लिए गंदा पानी। हम इन दोनों मुद्दों पर काम करेंगे। 2024 तक सभी घर में साफ पानी पीने को देंगे।
दिल्ली सरकार स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम को लेकर चुनावी मैदान में है?
आप किसी भी दिल्ली सरकार के अस्पताल में जाकर देखें, मरीजों की क्या स्थिति है। ओपीडी में लंबी-लंबी लाइन लगी रहती हैं। अस्पताल में बेड तक नहीं हैं। नए अस्पताल बनाने के दावे भी अधूरे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में ना तो नये स्कूल खुले और ना ही कॉलेज। फिर किस बात का विकास।
भाजपा की लड़ाई किस पार्टी से है। आप या कांग्रेस?
आप ने पहले भी 70 वादे किए थे। उसमें से कितने पूरे हुए, जिन्हें पूरा करने की बात आप कह रही है वह झूठ है। दोनों पार्टियों से लड़ाई है।
पार्टी मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करने में क्यों पीछे हट रही है?
भाजपा में लोकतंत्र है। जनता और विधायक मिलकर चेहरा चुनेंगे।
आम आदमी पार्टी के सामने कितना मजबूत स्थिति में है भाजपा?
दिल्ली वाले बेहतर विकास के लिए भाजपा को वोट देंगे।