मयूर विहार में दिल्ली-नोएडा सीमा पर सोमवार देर रात पीसीआर वैन को एक बेलगाम ट्रक ने रौंद दिया। हादसे में दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
घायलों को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। वहीं दूसरी ओर चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। मयूर विहार थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
एसआई सूबेदार खान (59) पूर्वी जिला पीसीआर में तैनात थे। वह मूलरूप से ऐतमादपुर, जिला आगरा के निवासी थे और सपरिवार शालीमार गार्डन, साहिबाबाद में रहते थे।
सोमवार रात वह एएसआई गिरीधारी लाल (52) और सिपाही मो.आकिल (46) के साथ दिल्ली-नोएडा बार्डर पर चिल्ला केे पास पीसीआर वैन पर तैनात थे।
रात करीब 1 बजे पीसीआर को सड़क किनारे खड़ी कर एसआई बाहर खड़े थे। वहीं, गिरीधारी और आकिल गाड़ी के अंदर बैठे थे।
सड़क पर कंक्रीट का पत्थर व बेरीकेड लगाया हुआ था। इसी बीच अक्षरधाम मंदिर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पत्थर को टक्कर मारने के बाद बेरीकेड व पीसीआर को घसीटता हुआ दूर तक ले गया।
हादसे में सूबेदार पीसीआर के नीचे दब गए। राहगीरों व अन्य पुलिसकर्मियों ने तीनाें घायलों को बाहर निकाला और एलबीएस में भर्ती कराया, जहां से सूबेदार को मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहां ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल गिरीधारी व आकिल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इधर, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ट्रक हरियाणा नंबर का है।
उसके मालिक का पता लगाकर चालक की तलाश की जा रही है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार का कहना है कि गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है, आरोपी ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
पत्थर के बैरिकेड ने बचा ली जान
एक पल को लगा हमारी मौत आ गई, लेकिन खुदा ने बचा लिया। यह कहना है दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर हुए हादसे के बाद घायल सिपाही और एएसआई का।
घायल आकिल ने बताया कि ट्रक चालक पीसीआर वैन को दूर तक घसीटता हुआ ले गया, लेकिन पत्थर के बैरिकेड ने ट्रक की रफ्तार रोक दी, जिससे उनकी जान बच गई।
ट्रक रुकने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीसीआर से बाहर निकाला। आकिल के मुताबिक, सोमवार रात 8 से सुबह 8 बजे तक उसकी ड्यूटी पीसीआर पर थी। एसआई सूबेदार खान इंचार्ज थे।
ठंड अधिक होने सेे पीसीआर के बाहर खड़े होने की ड्यूटी को एक-एक घंटे के लिए बांट लिया गया था। रात करीब 12:50 बजे आकिल और गिरधारी पीसीआर केे अंदर बैठे थे।
अचानक फ्लाईओवर से उतरे ट्रक ने पत्थर के बैरिकेड, फिर लोहे के बैरिकेड को टक्कर मारी और पीसीआर को दूर तक घसीटता हुआ ले गया। आकिल के मुताबिक उन्हें लगा कि ट्रक अब पीसीआर पर चढ़ जाएगा, लेकिन खुदा ने जान बचा ली।
शालीमार गार्डन के रहने वाले थे सूबेदार खान
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर एसआई सूबेदार खान की मौत से शालीमार गार्डन स्थित उनके घर पर मातम का माहौल है। मंगलवार दोपहर को दिल्ली पुलिस के जवान उनके शव को लेकर आवास पर पहुंचे।
एसआई की दो बेटियों की शादी हो चुकी है। एक बेटा शालीमार गार्डन में ही आटा चक्की चलाता है। एक बेटी बीए की पढ़ाई कर रही है। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।