ग्रीन ट्रिब्युनल का 15 साल पुराने वाहनों को बाहर करने का आदेश 20 जनवरी से प्रभावी हो जाएगा। राज्य परिवहन प्राधिकरण यूपी के सचिव अनिल कुमार मिश्र ने इसके आदेश दे दिए हैं।
इस आदेश से मंडल के सभी जिलों में करीब नौ लाख से ज्यादा वाहन नहीं चल पाएंगे। इनमें एक लाख गाजियाबाद के हैं।
दिल्ली के साथ ही एनसीआर से 15 साल पुराने वाहनों को बाहर करने का रास्ता साफ हो गया है। परिवहन विभाग ने 20 जनवरी से 15 साल पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की है।
शुरुआत में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 12 फरवरी से वाहनों को सीज किया जाएगा। पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान में पुलिस-आरटीओ और प्रशासन की संयुक्त टीम कार्रवाई करेंगी।
गाजियाबाद के अलावा हापुड़ के 70 हजार, बुलंदशहर के सवा दो लाख, नोएडा और मेरठ के करीब दो-दो लाख और बागपत के सवा लाख वाहन संचालन से बाहर हो जाएंगे।
ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेशानुसार इस दायरे में दो पहिया, चौपहिया, तिपहिया, कार, आटो, बस ट्रक, ट्रैक्टर और बड़े ट्राला सभी को बाहर किया जाना है।
500 बसें होंगी बाहर
कार्रवाई के दायरे में प्राइवेट रूट पर चलने वाली निजी बसें आ गईं हैं। इससे गाजियाबाद से नोएडा, धौलाना, बुलंदशहर, मेरठ रूट के अलावा सिटी बसें बाहर होंगी।
बुलंदशहर से स्याना-गढ़मुक्तेश्वर, खानपुर-बसीबांगर, शिकारपुर-डिबाई, जहांगीराबाद-अनूपशहर, गुलावटी-मेरठ और सिकंदराबाद-खुर्जा रूट पर चलने वाली 80 फीसदी बसों को बाहर किया जाएगा।
हापुड़ से धौलाना, गुलावठी, बुलंदशहर, मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर और गजरौला-मुरादाबाद रूट पर चलने वाली बसों को बाहर किया जाएगा। खबरों के लिए देखें