राधानगर मेंरविवार रात गोली मारकर हुई महिला बाला की हत्या बुधवार को एक बार फिर चर्चाओं में आ गई। पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है और न ही दामाद समेत तीन नामजदों की गिरफ्तारी हुई है।
ऐसे में जिला अस्पताल में लगे ‘पोस्टर’ ने बाला की हत्या का शक नामजदों के अलावा चार अन्य आरोपियों पर पैदा कर दिया है। हालांकि पुलिस इसे आरोपियों के चाल मानकर जांच कर रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल स्थित सीएमओ ऑफिस में एक पोस्टर लगा हुआ था। ‘पोस्टर’ में जो भाषा लिखी गई थी कि उससे प्रतीत हो रहा था कि अनैतिक कारोबार में धकेली गई किसी महिला ने लिखा है और वह बाला की करीबी है।
पत्र में साफ लिखा था कि एक व्यक्ति बाला देवी से रुपये मांगता था। वारदात के दिन भी उसका विवाद हुआ था। उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बाला देवी की हत्या की है। यह भी लिखा है कि वह अवैध धंधे से निकलकर कानून की मदद करना चाहती है और अगर पुलिस चाहे तो वह सामने भी आ सकती है।
ये है हत्याकांड की कहानी
राधानगर निवासी बाला देवी शहर की एक चर्चित महिला थी। बालादेवी को पिछले वर्ष पुलिस ने अनैतिक धंधे के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बालादेवी के मोबाइल की सीडीआर से उसके संबंध सफेद पोशों से होने का भी पुलिस ने दावा किया था।
रविवार रात राधानगर स्थित घर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाला देवी के दामाद जयदीप ने अपने साड़ू राहुल, दीपू कंजा और मुनेश को नामजद कर एफआईआर दर्ज कराई थी।
जयदीप का आरोप था कि बाला देवी राहुल को खर्च के लिए रुपये नहीं देती थी। इससे क्षुब्ध होकर दामाद राहुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।