बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या के आरोप में जेल में बंद युवकों के परिजनों का प्रदेश सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत से इनकार करने पर ग्रामीणों का प्रशासन से भरोसा उठने लगा है। परिजनों का कहना है कि प्रदेश सरकार भले ही सीबीआई जांच की सिफारिश न करे वह न्याय के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। ग्रामीणों को अब 4 मई का उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मामले की सीबीआई जांच की मांग पर उनके पक्ष में कोई निर्णय नहीं हुआ तो महापंचायत बुलाई जाएगी। ग्रामीणों ने दावा किया कि इस बार केवल साठा चौरासी की नहीं बल्कि पूरे समाज और सर्वजातीय महापंचायत होगी।
पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के आश्वासन पर 10 अप्रैल को होने वाली महापंचायत स्थगित की गई थी। अब 4 मई इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अगर सीबीआई जांच के आदेश नहीं आए तो महापंचायत होगी, जिसकी रणनीति 5 मई से बनाई जाएगी। - संजीव राणा (संजय), ग्राम प्रधान
इकलाख हत्याकांड में मेरा बेटा रूपेंद्र ही नहीं बल्कि अन्य निर्दोष युवक भी फंसाए गए हैं। अभी तक का इतिहास तो यह है कि केवल पीड़ित पक्ष ही सीबीआई जांच की मांग करता रहा है। ऐसा पहली बार है जब आरोपी पक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। - मिथलेश देवी (रूपेंद्र की मां)
प्रदेश सरकार बिसाहड़ा हत्याकांड में एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। जो युवक दोषी नहीं थे उनको हत्यारोपी बना दिया गया है। निर्दोष युवकों को जेल नहीं जाने देने का आश्वासन दिया था लेकिन पुलिस-प्रशासन ने अब किसी की सुध नहीं ले रहा है। न्याय के लिए अब लंबी लड़ाई लड़नी होगी। - ओम महेश (आरोपी विनय होमगार्ड के पिता)
मेरे दोनों बेटे निर्दोष हैं। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूरा परिवार परेशान है। पुलिस, प्रशासन या प्रदेश सरकार कोई भी केवल सच्चाई को सामने लाए। भले ही सीबीआई जांच हो या फिर कोई अन्या जांच कराई जाए। - लीला देवी (हरीओम और श्रीओम की मां)
अभी निराश नहीं हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट का सामने आने के बाद काफी हद तक मामले का खुलासा हो जाएगा। आंदोलन हो या फिर महापंचायत की बात उन सभी की रणनीति लैब रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी ।- संजय राणा (आरोपी विशाल के पिता)