साइबर सिटी के औद्योगिक हब में श्रमिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आईएमटी मानेसर सेक्टर-4 के प्लाट नंबर 203 स्थिति ऑटोलिव कंपनी में विवाद हो गया।
यह विवाद तब हुआ जब तकरीबन 70 कर्मचारी सुबह की ’ए’ शिफ्ट में काम करने पहुंचे। मगर गेट पर छुट्टी का नोटिस लगा पाया। कर्मचारियों का आरोप है कि छुट्टी के बारे में प्रबंधन ने उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी।
श्रमिकों ने ऑटोलिव प्रबंधन पर तानाशाही करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रबंधन जानबूझकर कर्मचारियों को परेशान कर रहा है। एटक के जिला सचिव अनिल पंवार ने बताया कि कंपनी में काम करने वाले काफी कर्मचारी 20 से 30 किलोमीटर की दूरी से आते हैं।
पहली बार ऐसा हुआ कि छुट्टी की सूचना न श्रमिकों को न ही यूनियन को दी गई। अचानक दो दिन की छुट्टी की घोषणा करना किसी को समझ में नहीं आ रहा है। जबकि कंपनी के अंदर नए भर्ती कर्मचारी और कंपनी के बंगलूरु प्लांट से आए लोग अंदर काम कर रहे थे।
श्रमिक आक्रोशित न हो जाएं इसके लिए मौके पर पुलिस पीसीआर तैनात रही। इसे लेकर श्रमिकों में भारी रोष है। श्रमिक यूनियन की ओर से श्रम व समझौता अधिकारी सर्कल-6 गुडगांव को इस बारे शिकायत दी है।
जिसकी प्रति यूनियन ने श्रम सचिव हरियाणा, श्रम आयुक्त हरियाणा, पुलिस कमिश्नर, जिला उपायुक्त और एएलसी सहित अन्य अधिकारियों को सौंपी है। इसमें सभी से अपील की गई है कि वह मामले को सुलझाने का प्रयास करें। यूनियन प्रधान प्रदीप सिंह और महासचिव जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रबंधक यह सब यूनियन को तोड़ने और मांग पत्र को विफल करने के लिए किया है।