अब अपने ओरिजनल कागजात दिखाकर ही नया सिम मिल सकेगा। टेलीकॉम एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि विक्रेता वेरिफिकेशन के वक्त आवेदकों का ओरिजनल डॉक्युमेंट भी देखेंगे।
प्री-पेड सिम वेरिफिकेशन के दौरान अक्सर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इसके बाद पुलिस ने कई मोबाइल विक्रेताओं पर कार्रवाई की है। टेलीकॉम एसोसिएशन के सचिव ललित कुमार ने बताया कि प्री-पेड सिम कार्ड वेरिफिकेशन के लिए आवेदक फार्म के साथ डाक्युमेंट की फोटो कॉपी देते हैं।
इसके बाद फार्म को कंपनी के पास भेज दिया जाता है। कंपनी बाद में अपने स्तर से वेरिफिकेशन कराती है। यदि इसके बाद भी कोई गड़बड़ी होती है तो मोबाइल विक्रेता को दोषी माना जाता है। एसोसिएशन लंबे समय से मांग कर रही है कि वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी मोबाइल कंपनी की है।