दिन के समय नगर निकायों के कार्यालयों में लाइट जलती पाई गई तो अधिकारियों के वेतन से बिजली के बिल का भुगतान किया जाएगा। बिजली के दुरुपयोग पर नगर विकास मंत्रालय की सख्ती के बाद निकायों में हड़कंप मच गया है।
प्रमुख सचिव ने इस संबंध में नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव के पत्र में स्पष्ट किया है कि नगर निगमों और निकायों में बिजली के दुरुपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
नगर क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों के क्रियान्वन ठीक से नहीं हो रहा। लाइटें सुबह बंद नहीं की जाती हैं। नगर विकास विभ्ााग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि नगर क्षेत्रों में बिजली का दुरुपयोग किया गया तो इसकी जिम्मेदारी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी की होगी।
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अधिकारियों के वेतन से बिजली का बिल वसूला जाएगा। निगम कार्यालयों की लाइट जलती मिली तो नगर आयुक्त के वेतन से 20000 हजार रुपये और अधिशासी अधिकारी के वेतन से 5000 रुपये वसूले जाएंगे।
निकायों के बिजली के बिलों का भुगतान के लिए लिखित में यह बताना होगा कि लाइटों का सही क्रियान्वन हो रहा है।