फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MotoGP Race: मोटोजीपी बाइक रेस के आयोजकों पर अनियमितता का आरोप, जेवर विधायक ने जांच की मांग की

Thu, 14 Mar 2024 10:41 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा

सार

जेवर विधायक ने प्रदेश के मुख्य सचिव और यमुना प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर सरकार से प्राप्त धनराशि का ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही स्पेन की डोरना कंपनी को भुगतान संबंधी बात का भी जिक्र किया है।
विज्ञापन
मोटोजीपी रेस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर सितंबर-2023 में हुई मोटोजीपी बाइक रेस के आयोजकों पर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। इस संबंध में जेवर विधायक ने प्रदेश के मुख्य सचिव और यमुना प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर सरकार से प्राप्त धनराशि का ऑडिट कराने की मांग की है, साथ ही संबंधित कंपनी को अग्रिम भुगतान पर ऑडिट होने तक रोक लगाने को कहा है। वहीं, ट्रैक का निर्माण, हाउसकीपिंग, ग्राउंड पर सुरक्षा सहित अन्य कार्य करने वाली कंपनियों का करोड़ों का भुगतान नहीं किया गया।

विज्ञापन

विधायक ने मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को लिखे पत्र में कहा है कि रेस की आयोजक कंपनी एफएसएस को स्पेन की डोरना कंपनी को लाइसेंस शुल्क के रूप में 120 करोड़ का भुगतान करना था, मगर अब तक यह राशि नहीं दी गई है। इतना ही नहीं, आयोजक स्पेन की कंपनी को गुमराह कर रहे हैं कि लाइसेंस फीस की रकम प्रदेश सरकार से दिलवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है, साथ ही नहीं बाइक रेस के लिए ट्रैक का निर्माण करने वाली कंपनी सॉलिटियर इंजीनियरिंग को छह करोड़ नहीं दिए गए।
विज्ञापन

जेपी ग्रुप का लगभग 14 करोड़ एफएसएस पर बकाया है। इस वजह से जेपी ग्रुप ने वहां व्यवस्था और काम करने वाले सभी लोगों की मशीनरी जब्त कर रखी है। हाउसकीपिंग और ग्राउंड पर सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली कंपनी का लगभग 5 करोड़ रुपये बकाया है। मुख्य सचिव से की गई शिकायत के मुताबिक प्रोग्रेसिव कार्गो, हितांश ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, टेंट, एम्प्लाइज, कॉन्ट्रैक्टर, प्रिंटर एवं विज्ञापन के लिए फ्लैक्स आदि व जेटीएससी स्पोर्ट्समैन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का भी बकाया है। भुगतान नहीं होने पर संबंधित कंपनियों ने शासन और पुलिस स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। विधायक का कहना है कि यमुना प्राधिकरण द्वारा जांच रिपोर्ट नहीं भेजने से समस्या के निस्तारण में देरी हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें