सड़क बनाने वाले ठेकेदार की 10 साल तक सड़क की मरम्मत और सुधार की जिम्मेदारी होगी। किसी भी कमी की शिकायत मिलने पर समय पर कमी को दूर नहीं करने पर उस एजेंसी को काली सूची में डाला जाएगा, जिससे वह भविष्य में निगम से जुड़ा कोई भी काम लेने में असमर्थ हो जाएगा।
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एमसीडी ने साल 2024-25 में अपनी सड़कों की मरम्मत के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। निगम क्षेत्र की सड़कों को सीएम सड़क योजना के अंतर्गत बनाया जा रहा है। निगम की नई पहल के मुताबिक इन सड़कों को जो भी ठेकेदार बना रहा, इसकी जिम्मेदारी रहेगी कि यह 10 साल तक इनका रखरखाव भी करेगा।
लोगों को कही कोई खामी मिलेगी तो इसकी शिकायत मिलने के बाद सड़क बनाने वाली एजेंसी को इसे समय पर सुधारने के लिए सूचित कर दिया जाएगा। यदि समय पर सड़क सुधारने का काम पूरा नहीं किया गया तो, इसके खिलाफ निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा निगम क्षेत्र की सड़कों के लिए मेयर की विवेकाधीन निधि में भी 500 रुपये तक खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसमें क्षेत्रीय स्तर पर जहां सड़कों का निर्माण होना होगा वहां ये फंड खर्च होगा।