हिंदी दिवस के अवसर पर जागृति लीला साहित्यिक मंच पर एक भव्य 'राष्ट्रीय-ई-सम्मेलन' का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शीर्षक रहा, 'मेरे प्रिय साहित्यिकार'। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ सरोज व्यास रहीं कार्यक्रम का आरंभ कविता पंत द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया।
संस्था की संस्थापक एव॔ सचिव कुम्मू भटनागर द्वारा मधुर स्वरों में हरिलाल मिलन द्वारा रचित, 'राष्ट्रीय भाषा गान' प्रस्तुत किया गया। अमृता प्रीतम के कुशल संचालन में सभी साहित्य रत्नों की उपस्थिति बहुत रोचक और ज्ञानवर्धक रही।
सभी प्रतिभागियों ने अपने प्रिय कवि, लेखक व साहित्यिकार पर आधारित गद्य, पद्य तथा लेख प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि सरोज व्यास ने अपना क़ीमती समय देकर दिल्ली से जुडकर हमें कृतघ्न किया। लेखिका करुणा भल्ला ने सुप्रसिद्ध उपन्यासकार शरदचन्द्र के उपन्यासों की नायिकाओं का बहुत ही मंझे हुए ढंग से सरस चरित्रण किया। कविता ने हिंदी साहित्य के विभिन्न काल खंडों और उनके प्रसिद्ध साहित्यकारों का परिचय देते हुए रीतिक़ालीन कवि बिहारी के बिहारी सतसई पर प्रकाश डाला।
कविता सिंह ने उत्कृष्ट लेखक श्री जय शंकर प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व का तेजोमय वर्णन किया जो बेहद मनोहारी था, अल्का भट्ट ने हिंदी जगत के सम्राट माने जाने वाले साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी के कृतित्व और व्यक्तित्व का सुंदर प्रेरणादायी महिमामंडन किया तो सुनैना जी(नोएडा) ने मीराबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी भक्तिमयी रचनाओं की प्रस्तुति की और अमृता ने दिनकर जैसे दिग्गज साहित्यकार का जीवन परिचय देते हुए उनकी रचना को प्रस्तुत किया डाॅ उपासना पाण्डेय, वीरेन्द्र सिंह, रवि पंत, रमा सरीन(नोएडा), श्रीमति गुंजन पंत, साधना जोशी, अल्पना पुनेठा, अज्जी अग्रवाल, बीना अपनी पसंद के साहित्यकारो की सुभग रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियों से भाव विभोर कर दिया।