फरीदाबाद के निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने नजर टेढ़ी कर ली है। शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त सुरीना राजन ने सभी निजी स्कूलों से एक सप्ताह के अंदर नियम 134ए के तहत दिए गए गरीब व प्रतिभावान छात्रों की सूची ऑनलाइन मांगी है।
अगर किसी निजी स्कूल प्रशासन ने इस सूची को तय तिथि तक मुख्यालय में नहीं भेजा, तो उसके स्कूल की मान्यता की एनओसी को रद्द करने की चेतावनी दी है, जिसके आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारी को जारी कर दिए गए हैं।
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बताया जाता है कि शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त को यह सख्त कदम इसलिए उठाना पड़ा, क्योंकि सभी निजी स्कूलों से 31 दिसंबर तक नियम 134ए के तहत रिपोर्ट को ऑनलाइन मांगा गया था, लेकिन जिले के एक भी निजी स्कूल ने नियम 134ए के तहत अपनी जानकारी को शिक्षा निदेशालय की साइट पर नहीं भेजा है।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार के उस नियम को जायज ठहराया था, जिसमें हरियाणा एजुकेशन एक्ट 2003 के तहत नियम 134ए के तहत 10 फीसदी गरीब व प्रतिभावान विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला देना था। ऐसे में इस आदेश का प्रत्येक निजी स्कूलों को पालन अनिवार्य किया गया है।
ऐसे में कोर्ट की हरी झंडी के बाद सरकार के निर्देश पर सभी निजी स्कूलों में इसका पालन कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके तहत यह रिपोर्ट मुख्यालय पर ऑनलाइन मांगी गई है, जिसके तहत जिले के 562 निजी स्कूलों को यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी है।