2855 पुरुषों में से भी 10 फीसदी से कम जबकि महज एक फीसदी महिला आवेदकों ने आशय पत्र मिलने के बाद पंजीकरण करवाया। ई-ऑटो के लिए कम रुचि के लिए आवेदकों ने लंबी कागजी कार्रवाई और उच्च ब्याज दर को कारण बताया है।
महिला चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद 743 में से महज 14 महिला आवेदकों (एक फीसदी) ने ऑटो का पंजीकरण करवाया है। 2855 पुरुषों में से भी 10 फीसदी से कम जबकि महज एक फीसदी महिला आवेदकों ने आशय पत्र मिलने के बाद पंजीकरण करवाया।
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ई-ऑटो के लिए कम रुचि के लिए आवेदकों ने लंबी कागजी कार्रवाई और उच्च ब्याज दर को कारण बताया है। दिल्ली सरकार ने 2,855 पुरुष और 743 महिला आवेदकों सहित 4,261 लोगों को आशय पत्र (एलओआई) जारी किया था।
परिवहन विभाग ने पिछले साल अक्तूबर में 4,261 ई-ऑटो के पंजीकरण की योजना शुरू की थी। इनमें से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया जबकि शेष पुरुष आवेदकों के लिए था। यूनियन चालक शक्ति के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को इसके लिए ठीक तरह से तैयारी के बाद ही योजना की शुरुआत करनी चाहिए थी।