दिल्ली चिड़ियाघर को रविवार को नया मेहमान मिला है। परिसर में हॉग डियर के एक बच्चे का जन्म हुआ है। इसके बाद यहां हॉग डियर की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। इसमें से 10 नर, 20 मादा व 12 बच्चे शामिल हैं।
हॉग डियर का पुराना नाम एक्सिस पोर्सिनस है और अब 2020 से हाइलाफस पोर्सिनस के रूप में इसे अपडेट किया गया है। यह एक लुप्तप्राय प्रजाति है, जो कि भारत में गंगा के मैदानी इलाकों और ब्रह्मपुत्र घाटी में पाए जाते हैं। हॉग डियर श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड और चीन की अपनी मूल श्रेणी से विलुप्त है। इनके आगे के पैर पीछे के पैरों से छोटे होते हैं।
हॉग डियर दौड़ते समय अपना सिर नीचे रखता है और बिना किसी बाध्य क्रिया के चलता है। इसके कान गोल व पूंछ छोटी होती है। पूंछ का रंग आमतौर पर सफेद होता है। अन्य हिरणों की तरह केवल नर के सींग होते हैं।