हरियाणा में अब आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को उनकी पहली पोस्टिंग के समय संबंधित उपमंडल के किसी गांव में एक रात और दो दिन बिताना होगा। इस तरह यह अधिकारी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करवाएंगे और गांव में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आंकलन करेंगे।
यह फैसला गत 21 अप्रैल को मनाए गए सिविल सर्विसेज डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस सुझाव के आधार पर लिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिविल सेवा के अधिकारी अपनी पहली पोस्टिंग वाले स्थान पर एक दिन रहें और वहां उपलब्ध सुविधाओं का आंकलन करें। प्रदेश में इस बारे में नया नियम लागू किए जाने के बारे में शुक्रवार को मुख्य सचिव दीपेंद्र सिंह ढेसी ने जानकारी दी।
हालांकि मुख्य सचिव शुक्र्तवार को गुड़गांव स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा अफसरों की ट्रेनिंग वर्कशाप में पहुंचे थे। इसी मौके पर उन्होंने ट्रेनिंग ले रहे अफसरों को प्रदेश में बने नए नियम की जानकारी भी दे दी।
इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनकी मौजूदगी में ढेसी ने कहा कि प्रधानमंत्री के उक्त सुझाव के बारे में जब मुख्यमंत्री खट्टर को बताया गया तो उन्होंने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए फैसला लिया कि आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपने पहली पोस्टिंग के सब डिवीजन के किसी एक गांव में एक रात व दो दिन बिताएं।
ढेसी ने कहा कि इस संबंध में सभी अधिकारियों को सूचित भी किया जा चुका है और 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने अपना दौरा कार्यक्रम बनाकर भी उनके पास भेज भी दिया है।