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फर्जी जाति प्रमाणपत्र से बना दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर!

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22 साल पहले दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए एक इंस्पेक्टर के खिलाफ नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र देकर वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ।
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प्रथमदृष्टया फर्जीवाड़े का आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस विभाग की पुलिस उपायुक्त सिंधु पिल्लई ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को शिकायत दी। क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, 20 मई को नंदनगरी निवासी ललित कुमार ने दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग में शिकायत देकर आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने वर्ष 1992 में भर्ती के लिए फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र दिया था।
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विजिलेंस जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने किया मामला दर्ज

आरोपी गांव शेरपुर, जिला बुलंदशहर निवासी है और 30 दिसंबर 1992 को सब इंस्पेक्टर भर्ती हुआ था। विजिलेंस विभाग ने एसीपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच करवाई तो पता चला कि देवेंद्र कुमार ने जिस प्रमाण पत्र को दिल्ली पुलिस की भर्ती के दौरान दिया था, उसमें उसका नाम देवेंद्र कुमार खारी पुत्र मंगत सिंह है।

उसने खुद को जाटव बताया था। यह जाति प्रमाण पत्र वर्ष 1989 में तहसीलदार बुलंदशहर ने जारी किया था, लेकिन जांच में पता चला कि कार्यालय में 1989 के रिकार्ड मौजूद नहीं हैं। वहीं, जांच में पता चला कि डीएन इंटर कॉलेज बुलंदशहर के प्रिंसिपल की ओर से जारी स्थानांतरण प्रमाण पत्र में देवेंद्र की जाति गुर्जर लिखी गई है।

यहां देवेंद्र ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद से देवेंद्र ने नाम के साथ खारी लिखना शुरू कर दिया। इसी नाम को उसने एसएससी परीक्षा के आवेदन पत्र पर लिखा। देवेंद्र कुमार के पिता मंगत सिंह ने बताया कि उसकी जाति गुर्जर है।
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