22 साल पहले दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए एक इंस्पेक्टर के खिलाफ नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र देकर वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ।
प्रथमदृष्टया फर्जीवाड़े का आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस विभाग की पुलिस उपायुक्त सिंधु पिल्लई ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को शिकायत दी। क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, 20 मई को नंदनगरी निवासी ललित कुमार ने दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग में शिकायत देकर आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने वर्ष 1992 में भर्ती के लिए फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र दिया था।