रोहतक में बस में युवतियों के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद यूपी रोडवेज भी नींद से जाग गई है। रोडवेज ने बुधवार को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) के तहत बसों में लगाए गए सेफ ओवर सोल (एसओएस) बटनों को चालू करने के आदेश दे दिए हैं।
इस बटन को दबाते ही आरएम कार्यालय में लगे सर्वर पर आपातकालीन घटना की जानकारी पहुंच जाएगी। जिस पर बस की लोकेशन देखकर रोडवेज कार्यालय संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दे देगा।
रेाडवेज की ओर से बसों में सुरक्षा के मद्देनजर वीटीएस से बसों को लैस किया गया था। जिसमें बसों को जीपीएस से लैस करने के साथ आपातकालीन बटन की भी सुविधा मुहैया कराई गई। लेकिन पिछले कुछ दिनों से वीटीएस और सुरक्षा को लेकर बसों में कार्रवाई ठंडी पड़ी थी।
साथ ही बसों में लगे जीपीएस और आपातकालीन बटन की जानकारी सर्वर तक पहुंचने के संबंध में भी कोई परीक्षण नहीं किया जा रहा था।
रोहतक में हुई घटना के बाद रोडवेज ने अब सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण के करने के साथ एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
ऐसे पुलिस तक पहुंचेगी जानकारी
बस में कोई घटना होने पर ड्राइवर या यात्री आपातकालीन बटन को दबाएंगे, जिसकी जानकारी बजर बजने के रूप में तत्काल आरएम कार्यालय में लगे सर्वर पर होगी।
इस दौरान कार्यालय की ओर से बस की लोकेशन ट्रेस की जाएगी और मौजूद चालक या परिचालक से जानकारी लेकर तुरंत घटनास्थल के नजदीकी थाने में सूचना दी जाएगी। बताया गया कि इस कार्रवाई को करने में आठ से दस मिनट का वक्त लगेगा।
सीसीटीवी लगाने की भी बनाई जा रही योजना
रोडवेज की ओर से बसों में सीसीटीवी लगाए जाने की भी योजना बनाई जा रही है। ताकि बसों के अंदर होने वाली छोटी-छोटी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भी भेजा जाना है।