‘पुलिस रस्सी का सांप और सांप को रस्सी बना देती है’ कहावत को कासना कोतवाली के एक दारोगा ने सही साबित कर दिया। मामला छात्र के हादसे से जुड़ा हुआ है, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की बाइक से कार टकराई थी, जिस कारण उसकी मौत हुई। दारोगा ने बाइक को सेंट्रो कार बना दिया और हादसे वाले वाहन को ट्रक बनाकर इतिश्री कर दी। पीड़ित परिजनों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की है। अफसर जांच करने की बात कह रहे हैं।
26 नवंबर को कासना रोड़ पर सेंट्रो कार ने बाइक में टक्कर मार दी थी, जिसमें जितेंद्र उर्फ मिंटू की मौत हो गई थी। जितेंद्र के पिता गजराज सिंह दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। जितेंद्र बीबीए का स्टूडेंट था और ग्रेटर नोएडा से अपने गांव कुलीपुरा जा रहा था। कासना गांव के पास पेंट कंपनी के सामने तेज रफ्तार सेंट्रो ने बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में घायल जितेंद्र को लोग आरोपी चालक की सेंट्रो में ही डालकर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
वहीं, कार चालक मौका पाकर गाड़ी छोड़कर भाग गया। जितेंद्र के भाई नगेंद्र का आरोप है कि मामले में जांच अधिकारी ने हादसा बाइक की बजाय सेंट्रो कार दिखा दी। जबकि युवक के पास तो कार थी ही नहीं। उसके अनुसार, हादसा ट्रक से टकराने के कारण हुआ। पीड़ित परिजनों ने जांच अधिकारी से कहा था कि हादसा ग्रस्त बाइक उनके घर पर पड़ी है। उसे ले आओ, लेकिन जांच अधिकारी टस से मस नहीं हुआ। इस पर वे स्वयं ही बाइक को लेकर कोतवाली आ गए। एसपी देहात डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह की शिकायत मिली है। इसकी जांच इंस्पेक्टर से कराई जाएगी।