आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष कुमार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस आवेदन पर आपत्ति जताई है, जिसमें उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले में नए आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने इस आवेदन को खारिज करने का आग्रह किया है। अदालत ने इस मुद्दे पर अरुण जेटली को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जेटली ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आशुतोष सहित छह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने जेटली को 19 तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न आशुतोष के आवेदन को स्वीकार कर लिया जाए। आशुतोष ने जेटली के उस तर्क को चुनौती दी है कि संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष दिए साक्ष्यों में इस नए आरोपों को साथ रखा जाए।
दोनों पक्ष इस मुद्दे पर संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष पेश हों: कोर्ट
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
जेटली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी, राजीव नायर और प्रतिभा मनिंदर सिंह ने तर्क रखा कि सभी दस्तावेज मुख्य रूप से दायर याचिका का ही हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इन साक्ष्यों का मुख्य याचिका में हवाला नहीं दिया गया है।
आशुतोष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुलका ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे स्पष्ट करें कि मुख्य याचिका में तथ्य नहीं हैं। वर्तमान में इस प्रकार के साक्ष्य नहीं दिए जा सकते। अदालत ने स्पष्ट किया के दोनों पक्ष इस मुद्दे पर संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष पेश हों।
गौरतलब है कि अरुण जेटली ने डीडीसीए में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में उन्हें और उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी करने पर केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने इन सभी से 10 करोड़ बतौर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।