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Omicron Alert: दिल्ली में एक ही दिन में 33 लोगों में मिला ओमिक्रॉन, बच्चों के लिए तैयार किए गए तीन हजार बेड

Sat, 01 Jan 2022 10:35 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार के विशेषज्ञों के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन वैरिएंट कम घातक है। इसमे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में फिलहाल किसी भी मरीज को ऑक्सीजन लगाने की जरूरत नहीं पड़ी है।
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कोरोना वार्ड में तैनात चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में हर दिन ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले एक दिन में जहां 33 लोगों में यह वैरिएंट मिला है। वहीं दूसरी ओर संक्रमण का खतरा देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों में बच्चों के लिए भी तीन हजार बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इस बीच दिल्ली सरकार ने बयान जारी करते हुए बताया कि ओमिक्रॉन का एक भी मामला गंभीर देखने को नहीं मिला है। 

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बहरहाल राजधानी में अब तक ओमिक्रॉन के 353 मामले सामने आए हैं जिनमें से 89 रोगियों को छुट्टी दी जा चुकी है। पहला ओमिक्रॉन मरीज बीते माह दो दिसंबर को मिला था। बीते एक महीने में ही यह संख्या 350 गुना से भी अधिक हुई है। 

शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। दिल्ली सरकार कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमारा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से दुरुस्त है। 
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सरकार के विशेषज्ञों के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन वैरिएंट कम घातक है। इसमे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में फिलहाल किसी भी मरीज को ऑक्सीजन लगाने की जरूरत नहीं पड़ी है।स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि इलाज से बेहतर रोकथाम है। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनकर निकले, इससे ज्यादातर मामलों को रोका जा सकता है। दिल्ली में सैंकड़ों की संख्या में वैक्सीन केंद्र बने हुए हैं। जहां प्रति दिन 3 लाख वैक्सीन लगाने की क्षमता है।

बहकावे से रहें दूर, ओमिक्रॉन की जांच में न फंसे
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोग आजकल ओमिक्रॉन जांच की मांग कर रहे हैं। जबकि ओमिक्रोन की जानकारी सिर्फ और सिर्फ सरकार और नियम बनाने वाली संस्थानों के लिए जरूरी है, ताकि वे उसके हिसाब से व्यवस्था सुनिश्चित कर सकें। मरीजों को कोरोना के वैरिएंट के बारे में जानकार भी कुछ नया हासिल नहीं होगा। क्योंकि अन्य कोरोना के वैरिएंट के लिए जो इलाज की प्रक्रिया है बिलकुल वही प्रक्रिया ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए भी है। ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना का ही एक वैरिएंट है। इसके इलाज एवं इससे बचने का प्रोटोकॉल भी पहले की तरह ही है।

दिल्ली वाले सख्ती से करें नियमों का पालन
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के लोगों से कोरोना से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। केवल सावधानी ही इसका बचाव है। सभी लोग मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

टीका जरूर लगवाएं- बोले लोकनायक अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार
लोकनायक अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले 1 महीने में हमारे यहां 138 ओमिक्रोन केस आए। इनमें से 95 स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। 3 बच्चों में भी ओमिक्रोन निकला। उनमें से दो छुट्टी दे दी गई। एक बच्चा जो अभी भी भर्ती है, वह स्थिर है। जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया उनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।  

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