ग्रेटर नोएडा (अरविंद सिंह)। एयरपोर्ट कैसे बनता है उसमें क्या-क्या चीजें होती हैं, अमूमन इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट के बनने से जिले के लोग बहुत कुछ जान सकेंगे, इसीलिए ज्यूरिख कंपनी ने तय किया है कि सबसे पहले वह सूचना केंद्र (इनफॉर्मेशन सेंटर) बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को जमीन और विकासकर्ता ज्यूरिख एयरपोर्ट की स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड कंपनी को निर्माण का लाइसेंस जारी कर दिया गया।
यह प्रक्रिया शिलान्यास से पहले की आखिरी औपचारिकता थी, जो पूरी हो गई। अब अगस्त के अंतिम सप्ताह में शिलान्यास की तैयारी है। वैसे एयरपोर्ट बनाने की औपचारिक शुरुआत शिलान्यास के बाद होगी, लेकिन विकासकर्ता कंपनी आज या कल (सोमवार-मंगलवार) से ही साइट पर काम शुरू करने जा रही है। जमीन समतल करने और बाउंड्री बनाने का काम पहले होगा। बाउंड्री बनने से जमीन कब्जे में आ जाएगी। किसी तरह का अतिक्रमण नहीं हो सकेगा। कंपनी ने तय किया है कि बाउंड्री व जमीन समतल करने के बाद सबसे पहले एयरपोर्ट इनफॉर्मेशन सेंटर बनाएगा।
इसमें एयरपोर्ट कैसे बनेगा, कहां पर क्या होगा, इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें एयरपोर्ट का एक मॉडल रखा जाएगा। इसमें एयरक्राफ्ट की लैंडिंग, टेकऑफ, टर्मिनल बिल्डिंग, पार्किंग जैसी सुविधाएं उकेरी जाएंगी। लोग इसे देख सकेंगे और एयरपोर्ट के बारे में जान सकेंगे। एक साइट ऑफिस भी तैयार किया जाएगा, ताकि यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रतिनिधि वहां बैठकर निर्माण कार्यों की निगरानी कर सकें।
17 हेक्टेयर जमीन का स्थानांतरण बाकी है
एयरपोर्ट के पहले चरण की कुल जमीन 1334 हेक्टेयर है। शनिवार को 1317 हेक्टेयर जमीन ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) को ट्रांसफर हुई है और नियाल ने ज्यूरिख एयरपोर्ट को भी इतनी ही जमीन पर निर्माण का लाइसेंस जारी किया है। करीब 17 हेक्टेयर जमीन अभी और ट्रांसफर होनी है। इस जमीन पर दो मंदिरों के शिफ्टिंग का काम चल रहा है। कुछ जमीन किसानों से ली जानी थी, उसकी भी प्रक्रिया चल रही है। 31 अगस्त तक 17 हेक्टेयर जमीन ट्रांसफर करने का लक्ष्य है। नियाल के एक अधिकारी ने बताया कि कंशेसन एग्रीमेंट के तहत लाइसेंस जारी करने से पहले 90 फीसदी जमीन होनी चाहिए थी, जबकि 98.66 फीसदी जमीन उपलब्ध है।
ज्यादा देर नहीं हुई, 2024 में होगा शुरू
एयरपोर्ट को मंजूरी से लेकर विकासकर्ता को लाइसेंस जारी करने तक की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की गई है। कोरोना की दो लहरों के बाद भी कागजी औपचारिकता पूरी करने में देरी नहीं हुई। 29,560 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर अब काम शुरू होने जा रहा है। ऐसे में अगर अब कोई बड़ी अड़चन न आई तो 2024 में यहां से उड़ान शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
एक लाख को रोजगार
नोएडा एयरपोर्ट से न सिर्फ सात समुंदर पार का सफर आसान होगा, बल्कि रोजगार की बहार भी आएगी। एयरपोर्ट से सीधे एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। हालांकि, एयरपोर्ट से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जिस तरह से औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, उससे कुल पांच लाख रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है। इसका असर नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में भी पड़ेगा। इन दोनों शहरों में भी रोजगार के मौके पनपेंगे।
निर्माण शुरू करने की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। विकासकर्ता कंपनी आज-कल में जमीन समतल करने और बाउंड्री का काम शुरू कर सकती है। तय समय पर ही काम पूरा करने की कोशिश रहेगी। शिलान्यास की कोई तारीख फिलहाल तय नहीं है।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड