दनकौर। चीन की निर्माणाधीन वीवो मोबाइल कंपनी में काम करने वाले एक मजदूर की रविवार तड़के संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस पर साथी मजदूरों ने कंपनी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए पांच घंटे तक जमकर हंगामा किया। आरोप है कि कंपनी में मजदूरों की तबीयत खराब होने पर उन्हें उचित इलाज नहीं मिलता। मजदूरों को बाहर जाकर इलाज कराने पर भी रोक है। एक माह पहले भी एक मजदूर की बीमार होने पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई थी। कंपनी में मजदूरों को खाना-पीना भी बंदियों की तरह का दिया जाता है।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से नेपाल निवासी संतोष (30) दनकौर क्षेत्र में मूंजखेड़ा गांव के नजदीक स्थित वीवो मोबाइल कंपनी में मजदूरी का काम करता था। रोजाना की तरह वह शनिवार देर रात काम करके कंपनी में ही स्थित कमरे में सोने के लिए गए था। जब रविवार तड़के चार बजे वह कंपनी परिसर में अन्य मजदूरों को दिखाई नहीं दिया तो उसके कमरे में देखने पहुंच गए। यहां संतोष मृत पड़ा हुआ था। मामले की सूचना कंपनी के अधिकारियों को दी गई। जानकारी होने पर बड़ी तादाद में कंपनी में काम करने वाले मजदूर परिसर में एकत्रित हो गए और गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। एसीपी के साथ भारी तादाद में पुलिस कर्मी पहुंचे और कई घंटे तक समझाने के बाद परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने की अनुमति दी।
कई समस्याओं को लेकर फूटा गुस्सा
मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कंपनी में अन्य राज्य समेत नेपाल के सैकड़ों की तादाद में लोग काम करते हैं। बीमार होने पर कंपनी में ही दवाइयां दी जाती हैं। गंभीर बीमारी होने पर बाहर अन्य अस्पताल में इलाज के लिए जाने पर भी रोक लगा रखी है। एक माह का वेतन रोककर दूसरे माह दिया जाता है। संतोष के साथियों का कहना है कि कई दिनों से वह बीमार था। उसे बाहर किसी अन्य अस्पताल में इलाज कराने के लिए कंपनी प्रशासन ने नहीं जाने दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। इस संबंध में कोई लिखित शिकायत कोतवाली में नहीं दी गई है।
- बृजनंदन राय, एसीपी