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Noida News: एक्वा लाइन को ब्लू लाइन से जोड़ने के लिए ट्रैवलेटर लगाने का काम शुरू

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एक्वा लाइन को ब्लू लाइन से जोड़ने के लिए ट्रैवलेटर लगाने का काम शुरू
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- सेक्टर-51 से सेक्टर-52 के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा स्काई-वॉक
- यात्रियों की सुविधा के लिए यहां लगाया जाना एयरपोर्ट की तरह स्वचालित ट्रैवलेटर

फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिल्ली एयरपोर्ट की तरह एक्वा लाइन से ब्लू लाइन के बीच यात्रियों को आवाजाही में मुश्किलें जल्दी ही खत्म हो सकती हैं। यहां बन रहे स्काई-वॉक पर ट्रैवलेटर लगाने का काम शुरू हो गया है। इसका फायदा यह होगा कि स्वचालित ट्रैवलेटर के जरिए बिना किसी परेशानी के सामान सहित भी यात्री दिल्ली नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा कर पाएंगे।
स्काई-वॉक बनाने का काम कर रही एजेंसी के साइट पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि सिविल और स्ट्रक्चर का काम कमोबेश पूरा हो गया है। ऐसे में अब ट्रेवलेटर लगाने का काम शुरू किया गया है। आने और जाने के लिए अलग-अलग ट्रैवलेटर लगाए जा रहे हैं। इससे आवाजाही में सुविधा रहेगी। करीब एक महीने में यह काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद स्काई-वॉक को यात्रियों की सुविधा के लिए खोलने से पहले बाकी बचे हुए काम जैसे शेड, एयरकंडीशनिंग सिस्टम, लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। करीब एक महीने का ही समय इस काम में भी लग सकता है। ऐसे में संभावना है कि करीब दो महीने में यात्रियों के उपयोग के लिए इस स्काई-वॉक को खोल दिया जाए।
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अभी यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों से नीचे उतरकर सेक्टर-52 और सेक्टर-51 के बीच पैदल ही करीब 800 मीटर का रास्ता पूरा करना होता है। सामान साथ में होने पर सबसे अधिक असुविधा यात्रियों को होती है। यहां यात्रियों के लिए निशुल्क ई-रिक्शा नोएडा मेट्रो ने चलाए हुए हैं लेकिन यात्रियों की अधिक संख्या देखते हुए ये नाकाफी है।
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इनसेट
देरी से पूरा हो रहा प्रोजेक्ट
स्काई-वॉक बनाने का प्रोजेक्ट देरी से पूरा हो रहा है। इसके लिए पहले 31 मार्च की डेडलाइन तय की गई थी। इसे बनते हुए एक साल से अधिक समय हो चुका है। अभी इसे 15 अगस्त तक पूरा करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। इसके बनने से एक्वा और ब्लू लाइन के लाखों यात्रियों को फायदा होगा। स्काई-वॉक की लंबाई करीब 420 मीटर है। इसे बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
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