मेगा टीकाकरण अभियान 2 अप्रैल तक चलेगा, लेकिन इसके बाद भी बच्चों के टीकाकरण पर स्वास्थ्य विभाग का जोर रहेगा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि अभिभावक भय और भ्रांति छोड़कर बच्चों को जल्द से जल्द वैक्सीन की पहली डोज लगवा दें।
जागरूकता बढ़ने के साथ ही जिले में बच्चों के टीकाकरण अभियान में भी तेजी आई है। बच्चों के टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए चलाई गई अमर उजाला की मुहिम का असर भी दिखने लगा है। मेगा टीकाकरण अभियान के तहत बच्चों ने सबसे ज्यादा वैक्सीन लगवाकर खुद को कोरोना से सुरक्षित करने की तरफ पहला कदम बढ़ाया है।
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16 जनवरी से 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले दिन केवल 100 बच्चों ने ही टीकाकरण कराया था। इसके बाद चार दिन तक होली और अन्य अवकाश के कारण टीकाकरण बंद रहा। टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 26 मार्च से अमर उजाला का स्वास्थ्य अभियान शुरू हुआ। इस मुहिम का असर भी दिखा। 28 मार्च से शुरू हुए मेगा टीकाकरण अभियान में कोरोना से बचाव के टीके लगवाने के लिए सबसे ज्यादा बच्चे पहुंच रहे हैं। 28 से 30 मार्च के बीच जनपद में 20,631 लोगों ने टीके लगवाए। इसमें 11,409 टीके 12 से 14 साल के बच्चों ने लगवाए हैं।
अभियान के बाद भी जारी रहे टीकाकरण
मेगा टीकाकरण अभियान 2 अप्रैल तक चलेगा, लेकिन इसके बाद भी बच्चों के टीकाकरण पर स्वास्थ्य विभाग का जोर रहेगा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि अभिभावक भय और भ्रांति छोड़कर बच्चों को जल्द से जल्द वैक्सीन की पहली डोज लगवा दें। स्कूलों के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के नियमित सत्र लगातार जारी रहेंगे।
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पहले टीकाकरण उसके बाद स्कूल में प्रवेश
जिले के कई स्कूलों ने नया सत्र शुरू होने से पहले 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए कोरोना से बचाव की वैक्सीन की अनिवार्यता को लागू कर दिया है। कार्ल हूबर स्कूल की प्रधानाचार्या स्मिता मिश्रा ने बताया कि सभी बच्चों के अभिभावकों को संदेश भेजे गए हैं। वैक्सीन की पहली डोज का प्रमाणपत्र दिखाना होगा। हालांकि, 15 से 17 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों ने वैक्सीन लगवा ली है।