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आंखों में आंसू और भारत माता की जय के साथ लोगों ने दी शहीदों को अंतिम विदाई

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ग्रेनो वेस्ट स्थित ऐस सिटी सोसाइटी में शहीद मेजर रोहित कुमार व अनुज राजपूत को श्रद्धांजलि देते न? - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित ऐस सिटी सोसाइटी में रहने वाले शहीद मेजर रोहित कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के देविका घाट पर परिवार की मौजूदगी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, ग्रेनो वेस्ट में सोसाइटी का माहौल भी गमगीन रहा। आंखों में आंसू और जुबान पर भारत माता की जयघोष के साथ लोगों ने शहीद मेजर रोहित कुमार और अनुज राजपूत को अंतिम विदाई दी। साथ ही उनकी तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर और शाम को कैंडल जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी।
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सोसाइटी के निवासियों को मंगलवार देर रात तक मेजर रोहित कुमार के शहीद होने की जानकारी मिल गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने श्रद्धांजलि दी। बुधवार की सुबह सोसाइटी में एक श्रद्धांजलि सभा हुई। जहां मेजर रोहित कुमार के साथ मेजर अनुज राजपूत की तस्वीर पर लोगों ने पुष्प अर्पित किए। दोपहर करीब एक बजे तस्वीर के सामने एक दीपक जलाया गया, जो रात नौ बजे तक जलता रहा। सोसाइटी में रहने वाले 2500 परिवार श्रद्धांजलि देने पहुंचे। निवासियों ने बताया कि सभी लोग हादसे से बहुत दुखी हैं। ज्यादातर लोग उनको जानते नहीं थे, लेकिन जानकारी होते ही सभी गम में डूब गए। सोसाइटी में रात 8 बजे तक मौन रखा गया है। सभी सोशल मीडिया अकाउंट में किसी तरह का संदेश नहीं भेजा गया। केवल स्वास्थ्य संबंधी और आपातकाल के संदेश भेजने की ही अनुमति थी। शाम को निवासियों ने कैंडल मार्च निकाला और भारत माता की जयघोष के साथ शहीद को याद किया।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के थे निवासी
शहीद मेजर रोहित कुमार जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के मूल निवासी थे। काफी समय पहले उनका परिवार दिल्ली आ गया था। करीब तीन साल पहले परिवार ऐस सिटी सोसाइटी में शिफ्ट हुआ। यहां पर शहीद मेजर रोहित कुमार के नाम से फ्लैट है। इसी कारण उनका अंतिम संस्कार उधमपुर में किया गया। सोसाइटी के निवासी शहीद के परिवार के दर्द से काफी दुखी हैं। टावर में रहने वाले श्याम राज सिंह और अन्य ने बताया कि शहीद मेजर रोहित कुमार से कभी मुलाकात नहीं हुई। उनके पिता बालकनी में मिलते हैं तो वहीं बातचीत हो जाती है। अक्सर सुबह टहलने के दौरान भी मुलाकात हुई है। वो काफी सज्जन हैं। दुख की घड़ी में पूरी सोसाइटी उनके साथ है।
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शहीद के नाम पर रख सकते हैं जगह का नाम
सोसाइटी निवासियों ने बताया कि किसी एक कॉमन एरिया का नाम शहीद रोहित कुमार रखने पर विचार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव जल्द ही बिल्डर को दिया जाएगा। वहीं, सोसाइटी के निवासी शहीद के बुजुर्ग माता-पिता का पूरा ध्यान रखेंगे। साथ ही उन बुजुर्गों का भी ध्यान रखा जाएगा, जो अकेले रहते हैं। निवासियों ने शहीद के पिता से फोन पर बात की। वो बातचीत करने की स्थिति में नहीं थे। कुछ देर बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन उधमपुर में बहू के साथ रुकेंगे। कुछ दिन बाद ग्रेनो वेस्ट आने पर विचार करेंगे।
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