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जेलों को कैद के लिए नहीं बल्कि सुधार गृह के रूप में करेंगे विकसित

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कार्यक्रम के दौरान मंचासीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : Mewat
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नूंह। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को नूंह जिले के गांव सलंबा में नवनिर्मित जिला कारागार का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश की जेलों को कैद के लिए नहीं बल्कि सुधार गृह के रूप में विकसित करेंगे, ताकि बेशक अपराधी आए पर जेल से बेहतर इंसान ही बाहर जाना चाहिए। जेलों में बंदियों के मानसिक, धार्मिक और सामाजिक विकास पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अपराधियों को भी सुधरने का मौका मिल सके। जेल सुधार गृह के रूप में कार्य कर रही हैं और बंदियों के सुधार की तरफ सरकार का पूरा फोकस है। हरियाणा की जेलों में आध्यात्मिक या साधना केंद्र भी बनाए जाने का प्रावधान है, ताकि वे मन की शांति और तनाव को दूर करने के लिए ध्यान लगा सकें।
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इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने नूंह के एतिहासिक नल्हेश्वर पांडवकालीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। जेल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपराध से घृणा करनी चाहिए न कि अपराधी से। ऐसे में अपराधियों के सुधार के लिए जेल परिसर में बेहतर वातावरण बंदियों को दिया जा रहा है। जेलों में कैदियों की निरंतर काउंसलिंग प्रक्रिया की जा रही है तथा जेल से रिहा होने के बाद पुलिस विभाग बाद में भी उनकी काउंसलिंग करेंगे, ताकि उनमें आपराधिक प्रवृति पुन: न आए। इस दौरान बिजली एवं जेल मंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि नूंह जिले में सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त जेल बनाई गई है। हमारा प्रयास है कि जेलों में बंदियों की संख्या घटनी चाहिए। समाज में अच्छे नागरिक बनें तथा अपराध से दूर रहेंगे तो निश्चित रूप से बंदियों की संख्या घटेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दिल बहुत बड़ा है, जो निरंतर सिस्टम के सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं। बंदियों के लिए अनेक सुविधाएं जेलों में दी जा रही हैं, ताकि वे अच्छे नागरिक के रूप में बाहर आएं।
गृह विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा ने बताया कि जेल की कार्यशैली पूरी पारदर्शिता भरी है और सुरक्षात्मक तरीके से हर कदम पर जेल प्रशासन ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जेल प्रशासन सुधार की दिशा में रोड मैप तैयार किया गया है।
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जेल विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अकील ने बताया कि जेल सुरक्षा के लिहाज से परिपूर्ण है। किसी भी रूप से सुरक्षा से समझौता नहीं है और अत्याधुनिक तकनीक से जेल को कवर किया गया है। मॉडर्न इंटरव्यू रूम सहित, फ्री लीगल एड सर्विस बंदियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी डॉ. आर सी मिश्रा, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, आईजी रेवाड़ी रेंज एम रविकिरण, आईजी पुलिस प्रशासन सत्येंद्र गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग, सोहना से विधायक संजय सिंह, उपायुक्त अजय कुमार, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुभिता ढाका, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल, नौक्षम चौधरी, वक्फ बोर्ड प्रशासक जाकिर हुसैन, सीएम के मीडिया कोऑर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
जेल अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 20वीं जेल के रूप में शुरू हो रही जेल परिसर में घोषणा की है कि पुलिस विभाग की तर्ज पर जेल वार्डन के रूप में 18 साल की अच्छी सर्विस करने के बाद इक्जैम्पटी हेड वार्डन बनाया जाएगा। जेल अधीक्षकों को अन्य अधिकारियों की तर्ज पर सरकारी कार्य के लिए वाहन मुहैया कराए जाएंगे। जेल अधीक्षक और उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों को वर्दी भत्ता दिया जाएगा। इसी प्रकार जेल विभाग में भी पुलिस विभाग की तर्ज पर राष्ट्रपति मेडल के बाद नौकरी में सेवा विस्तार भी दिया जाएगा। इसके अलावा जेल विभाग में खाली पदों पर जल्द ही भर्ती की जाएगी।
डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्र की ड्यूटी से मिलेगी छूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में ड्यूटी देने वाले स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्र की ड्यूटी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। जेल की सर्विस को ही ग्रामीण क्षेत्र की ड्यूटी के बराबर माना जाएगा।
धार्मिक प्रवचनों से होगा जीवन में बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियां किसी भी रूप से अपराध की ओर ले जा सकती हैं। ऐसे मेें सुधार का अवसर अपराधी के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेल परिसर में धार्मिक प्रवचनों का समावेश करवाते हुए आपराधिक लोगों के मानसिक विकारों में बदलाव किया जा सकता है। धार्मिक प्रवचनों से ही अपराधी जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।
12 बैरक में रह सकते हैं 846 कैदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नूंह के गांव सलंबा में 29 एकड़, पांच कनाल में 68 करोड़ रुपये की धनराशि से जिला कारागार बनाया गया है। जेल की सुरक्षा के लिए तीन चारदीवारी हैं। इसमें निगरानी के लिए अंदर छह वाच टावर बनाए गए हैं। जेल में एक अस्पताल, लाइब्रेरी, कैंटीन, सुरक्षा के लिए अलग सेल, एडमिन ब्लॉक, कंट्रोल रूम, कैदियों के काम करने के लिए एक शेड बनाया गया है। इसमें कैदियों के लिए 12 बैरक हैं, जिनमें 5 बैरक पुरुष कैदियों और एक बैरक महिला कैदियों के अलावा कुछ अन्य बैरक बनाए गए हैं। जेल में 12 बैरक में कुल 846 कैदियों को रखा जा सकता है। इस जेल को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा बनाया गया है।
दृश्यम कंट्रोल रूम का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने जिला सचिवालय में नवनिर्मित दृश्यम कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। इस कंट्रोल रूम से जिले में आपराधिक गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दृश्यम कंट्रोल रूम की मदद से पुलिस प्रशासन को काफी सहूलियत होगी। अब तीसरी आंख की जद में जिले की हर घटना रिकॉर्ड होगी। इसमें करीब 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। 40 कैमरे 7 किलोमीटर तक नजर रखेंगे। एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि इस हाईटेक दृश्यम केंद्र पर अब तक 35 लाख की रुपये की लागत आई है। इस केंद्र में आठ एलईडी लगाई गई हैं। एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मचारी के साथ-साथ वे स्वयं भी अपने मोबाइल पर नजर रख सकते हैं।
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