नोएडा। फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस बिलों के जरिये करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाला सिंडिकेट गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद सहित आसपास के जिलों में सक्रिय है। शनिवार को चार जिलों में चले सर्च ऑपरेशन के दौरान 128.24 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। सरकार के खजाने में सेंध लगाने वालों की धरपकड़ के लिए पहुंची जांच टीम को 31 लोकेशन ऐसी मिली हैं, जहां फर्जी पतों पर टैक्स की हेराफेरी के लिए कागजों में ही फर्म चलाई जा रही थी। करीब 12 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान 11 लोकेशन ऐसी थीं जिनके पतों पर खाली प्लॉट, झुग्गियां और वेल्डिंग व किराने की दुकान के अलावा संकरी गलियों में मकान बने हुए थे। जिनके पते व नाम पर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी हो रही थी, उन भवन व प्लॉट मालिकों को इसकी जानकारी ही नहीं थी।
जांच में गौतमबुद्ध नगर की 18 और गाजियाबाद की 13 लोकेशन पर फर्म ही नहीं बल्कि पते भी फर्जी मिले। फर्जी पतों के आधार पर दस्तावेज तैयार कर जीएसटी पंजीयन कराया गया और बोगस बिलों के जरिये कागजों में 650 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर 128 करोड़ रुपये से ज्यादा की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया गया। राज्य जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर व खुर्जा में 43 लोकेशनों पर एक साथ सर्च/सीजर अभियान चलाया गया।
फर्जी प्रपत्रों के आधार पर जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर ई-वे बिल के जरिये आईटीसी का लाभ लेने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज कराने की तैयारी शुरू हो गई है। साथ ही, उन लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसेगा जिनके नाम और पतों पर टैक्स चोरी का पूरा खेल चल रहा था। इस प्रकरण के दायरे में आने वाले संदिग्धों की सूची तैयार करने का काम नोएडा और गाजियाबाद रेंज के अधिकारियों ने शुरू कर दिया है।
पांच साल से इसी प्लॉट में रहता हूं, कोई काम नहीं देखा...
पंजीयन पर दर्ज पते के आधार पर जांच टीम बादलपुर गांव पहुंची। खाली प्लॉट के मुख्य दरवाजे के पास भगवत प्रसाद के नाम की प्लेट लगी थी। प्लॉट में एक छोटा सा कमरा था जिसमें मजदूरी करने वाला खर्ची लाल पिछले पांच साल से परिवार के साथ रहता है। खर्ची लाल ने बताया कि आज तक उसने प्लॉट में किसी तरह का काम होते हुए नहीं देखा। दूसरी जांच टीम जेवर रोड स्थित एक पते पर पहुंची, जिस पर साहिब ट्रेडर्स के नाम से पंजीयन लिया गया और 3.5 करोड़ का कारोबार दिखाकर 55 लाख आईटीसी क्लेम किया गया था। यहां वेल्डिंग की दुकान थी। दुकान पर मौजूद जफरुद्दीन ने लोहे, कबाड़ और स्क्रैप के कारोबार के संचालन से इनकार किया।
सभी फर्मों का पंजीयन होगा निरस्त
फर्जी पतों पर बोगस बिलों से टैक्स चोरी कर रही सभी 43 फर्मों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले जीएसटी पंजीयन कराया। इसके बाद चेन बनाकर आपस में ही करोड़ों रुपये का कारोबार कागजों में दिखा दिया। ई-वे बिलों के आधार पर माल की आवाजाही दिखाई गई और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।
आप भी रहें सावधान
ईमानदार करदाताओं से अपील है कि टैक्स चोरी में संलिप्त ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहें। इनसे लेन-देन नहीं करें। ऐसा करने पर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। - अदिति सिंह, अपर आयुक्त, राज्य कर, नोएडा व गाजियाबाद जोन
नोएडा की इन फर्मों पर कसा शिकंजा
गौतमबुद्ध नगर: संगम रोडलाइंस, बालाजी इंटरप्राइजेज, विक्रम इंटरप्राइजेज, महादेव ट्रेडर्स, बीके इंटरप्राइजेज, ओम र्साइं इंटरप्राइजेज, श्रीलक्ष्मी इंटरप्राइजेज, एंकर सेल्स एजेंसी, आरएस सप्लायर , ब्रिलिएंट हिंटेक इंटरप्राइजेज, मोहन इंटरप्राइजेज, अवंतिका ट्रेडिंग कंपनी, साहिब ट्रेडर्स, गुरुमुख ट्रेडर्स, एआर ट्रेडिंग कंपनी, श्रीराम इंटरप्राइजेज, आरके इंटरप्राइजेज, एसपी इंटरप्राइजेज, स्काईवूक इंटरप्राइजेज।