फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर जाने से मना किया तो ईंटों से वार कर चचेरे भाई को मारा था

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। चचेरे भाई पर ईंट, डंडे आदि से हमलाकर मौत के घाट उतारने और नाबालिग बहन पर जानलेवा हमले के आरोपी दो भाइयों से पुलिस ने ग्रेनो लाकर पूछताछ की। पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर दो घंटे तक क्राइम सीन दोहराया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चचेरा भाई राजू उनकी सगी बहन को लेकर फतेहपुर के कौंहन गांव से बिना बताए आया था। उन्होंने दोनों को समझाने के लिए सूरजपुर स्थित घर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन इनकार करने पर उन्होंने झाड़ियों में ले जाकर ईंट-डंडे आदि से हमला कर राजू की हत्या कर दी और हमले से बेहोश हुई बहन को मृत समझकर फरार हो गए।
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार, कौंहन गांव निवासी राजू की चचेरी बहन से लगभग दो वर्ष से निकटता और घनिष्ठता थी। इसका परिजन विरोध करते थे। 18 दिसंबर को भी किशोरी को परिजनाें ने डांटा था। वह दोपहर तीन बजे राजू के साथ नोएडा के लिए निकल गई थी। राजू पूर्व में नोएडा में काम कर चुका है। वह 19 दिसंबर को तड़के यमुुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर किशोरी के साथ उतरा था। परिजनों ने सूरजपुर में रह रहे बेटों सुनील व अनिल को फोन पर किशोरी के बारे में सूचना दी थी। इसके बाद वह दोनों भी जीरो प्वाइंट पर पहुंच गए थे। दोनों को सुनील ने समझाने की बात कहकर सूरजपुर स्थित घर चलने को कहा। कुछ दूर तो दोनों साथ चले, लेकिन बाद में उन्होंने घर जाने से इनकार कर दिया। आरोपियों ने इस दौरान घर पर भी फोन किया था। इसके बाद आरोपियों ने दोनों को झाड़ियों में घसीटकर ईंट-डंडे आदि से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
सिर पर किए कई वार, किशोरी के जबड़े पर गंभीर चोट
आरोपियों ने राजू के सिर व शरीर पर ईंट से कई वार किए थे। मौके से पुलिस ने एक सब्जी काटने का चाकू भी बरामद किया है। हालांकि, वारदात में इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। आरोपियों ने राजू का गला भी दबाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ईंट के हमले से नाक आदि की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है। मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग के जबड़े में भी गंभीर चोट का पता चला है। आरोपियों ने बैग और चप्पल नाले में फेंके थे और मोबाइल व रुपये सूरजपुर कमरे पर रखे थे। पुलिस ने 2500 रुपये और मोबाइल बरामद कर लिया, लेकिन नाले से बैग व चप्पल बरामद नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें