बिलासपुर/दनकौर। पानीपत में एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले के शव शनिवार को दनकौर के सलारपुर गांव पहुंचें। यहां अंतिम दर्शन के बाद परिजन जैसे ही एक साथ तीन अर्थियां लेकर श्मशान घाट की ओर बढ़े। वैसे ही गांव के हर एक व्यक्ति की आंख नम हो गई। वहीं, परिवार समेत पूरे गांव में मातम छा गया। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक ने मृतकों को अश्रुपूर्ण विदाई दी। वहीं, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसा पानीपत के सेक्टर-29 औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ था। सलारपुर गांव में रहने वाले दयानंद दो बेटों नवाब (32), रमेश (23) के अलावा भतीजे राकेश (40), तीन वर्षीय पोता प्रियांशु और दो पुत्र वधू के साथ ईको कार में सवार होकर पंजाब बेटी विमलेश के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे।
पानीपत में एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार में टक्कर मार दी। दुर्घटना में रमेश, नवाब, राकेश व प्रियांशु की मौत हो गई। वहीं, दयानंद समेत परिवार के अन्य लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पूरा गांव गमगीन हो गया। वहीं, पीड़ित परिजनों में चीख पुकार मच गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद तीन शव दोपहर में गांव पहुंच गए थे। उनका अंतिम संस्कार दिन में कर दिया गया। मृतक नवाब का शव देर शाम गांव पहुंचा। उसका अंतिम संस्कार रात में किया गया। नवाब के चार बच्चे व राकेश की चार बेटियां व दो बेटे हैं। इनके सिर से पिता का साया उठ गया है। गांव के बड़े बुजुर्ग पूरे दिन परिवार केे लोगों को सांत्वना देते रहे।