नोएडा। मेले में बार बालाओं के डांस का वीडियो रविवार रात को एक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो को कोतवाली फेज टू क्षेत्र के इलाबांस का बताया जा रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित कोतवाली पुलिस ने जांच की। इसके बाद वीडियो को गलत बताते हुए कहा कि यह नोएडा का नहीं है। हालांकि, मेले में दुकान लगाने वाले छह लोगों के खिलाफ कोतवाली फेज टू में धारा 144 के उल्लंघन के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। रविवार रात को सोशल मीडिया पर एक के बाद एक तीन वीडियो वायरल हुए। इनमें बार बालाएं गाने पर डांस कर रही हैं और धारा 144 व कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है।
इस वीडियो के बारे में दावा किया गया कि यह कोतवाली फेज टू क्षेत्र में इलाबांस गांव के मेले का है। इस दौरान इलाबांस समेत कई स्थानों पर मेला लगा हुआ है। इस मेले में काला जादू, डांस जैसे कई कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं। इस मामले में नोएडा सेंट्रल के एसीपी प्रथम अब्दुल कादिर ने बताया कि सूचना पर तुरंत पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची थी। वहां इस तरह के किसी कार्यक्रम होने की जानकारी नहीं मिली। यह वीडियो पुराना है और नोएडा का नहीं है। वहीं, मीडिया सेल के मुताबिक इलाबांस में मेले में दुकान लगाने वाले नाहसीन, शिवराम, शब्बीर, प्रताप सिंह, सीताराम और कोमल छह लोगों के खिलाफ कोतवाली फेज टू में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गवाह की हत्या में पुलिस के हाथ खाली
गांव गिरधरपुर में दोहरे हत्याकांड के चश्मदीद गवाह बुजुर्ग प्रेमसिंह की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। इससे परिजनों में रोष है। वहीं, परिजनों की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी आश्वासन तक सिमट कर रह गई। ज्ञात हो कि आठ फरवरी को रास्ते के विवाद में सलेक और अमित की हत्या कर दी गई थी। बुजुर्ग प्रेमसिंह वारदात का चश्मदीद गवाह था। 16 दिसंबर को प्रेमसिंह की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया, लेकिन चार दिन बाद भी आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। मनोज प्रधान का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण प्रेमसिंह की जान चली गई। वहीं, पुलिस परिजन मनोज प्रधान, विपिन कुमार, राजेश कुमार, जयदीप, रेनू देवी का शस्त्र लाइसेंस नहीं बनवा सकी है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि हत्यारों की तलाश कर रही है। परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है।