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रूप बदल रहे कोरोना से निपटने में वैक्सीन ही प्रभावी

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नोएडा। नए रूप में कोरोना की बार-बार वापसी चिंता का सबब बनी हुई है। ऐसे में संक्रमण की चेन तोड़कर ही इसके प्रसार को रोका जा सकता है। इसके लिए वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में केवल एंटीबॉडी से ही संक्रमण से लड़ना मुमकिन है। संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन बेहद जरूरी है। कोरोना से लड़ाई का यह सबसे सुरक्षित और प्रभावी हथियार है। इसे लेने में किसी को कोताही नहीं बरतनी चाहिए।
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बच्चों के टीकाकरण में कोताही न बरतें
फेलिक्स अस्पताल के निदेशक डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि देश में रोजाना औसत बीस हजार केस आ रहे हैं। कोरोना तब ही खत्म होगा जब संक्रमण की चेन टूटेगी। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए दो ही विकल्प हैं। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें और दूसरा टीकाकरण के प्रति जागरूकता बरतें। बच्चों के टीकाकरण में किसी तरह की कोताही न बरती जाए। सरकार को 12 साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाने की तुरंत मंजूरी देनी चाहिए।
संक्रमण की चेन तोड़ना बेहद जरूरी
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि जब वैक्सीन नहीं आई थी तो लॉकडाउन लगाकर संक्रमण की चेन तोड़ने का प्रयास किया गया था। अर्थव्यवस्था पर इसके दुष्प्रभाव भी देखे गए। अब देश में बड़ी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए वैक्सीन ही कारगर उपाय है, क्योंकि कोरोना रूप बदलकर वापस आता रहेगा। प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वैक्सीन की निर्धारित खुराक ले। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।
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टीकाकरण में देरी न करें अभिभावक
कार्ल हूबर स्कूल नोएडा की प्रधानाचार्या स्मिता मिश्रा ने बताया कि संक्रमण के संकट के बीच दो साल बाद जब स्कूल खुले तो हमें भी बच्चों की सुरक्षा की काफी चिंता थी। बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद की किरण दिखी। अब हमारी जिम्मेदारी है कि सभी बच्चों को वैक्सीन लग जाए। शुरुआत में अभिभावकों में काफी भ्रम की स्थिति थी, लेकिन बच्चों के साथ अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई। अब स्कूल के शत-प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है। जिले में बड़ी संख्या में बच्चे वैक्सीन से छूटे हुए हैं। अभिभावकों से अपील है कि इस काम में देरी न करें।
स्वास्थ्य विभाग ने तेज की मुहिम
आबादी लक्ष्य की तुलना में 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग को 25 प्रतिशत अधिक वैक्सीन लग चुकी हैं। 12 से 17 वर्ष के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 1.33 लाख बच्चे व बुजुर्ग वैक्सीन से छूटे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण शिविर शुरू कर दिए हैं। 11 से 14 जुलाई तक विशेष अभियान चलेगा। शेष आयु वर्ग के लिए जिले में नियमित 20 से 25 केंद्रों पर वैक्सीन लगाई जा रही हैं।
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