नई दिल्ली। 1997 के उपहार अग्निकांड के साक्ष्यों से छेड़छाड़ के मामले में दोषी अंसल बंधुओं ने सात साल की सजा को चुनौती दी है। अदालत ने याचिका पर सरकार और हादसा पीड़ितों से जवाब मांगा है। इस हादसे में 59 लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों जख्मी हुए थे। मुख्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को 2015 में दो-दो साल कैद की सजा सुनाई थी।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने अंसल बंधुओं की याचिका पर सरकार और एसोसिएशन ऑफ विक्टिम ऑफ उपहार ट्रेजेडी (अव्यूत) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोमवार आठ नवंबर को सुशील और गोपाल अंसल समेत पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए सात साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
अदालत ने गोपाल अंसल की ओर से दायर आवेदन पर तिहाड़ जेल प्रशासन से भी जवाब मांगा। दोषी की ओर से अधिवक्ता पीके दुबे ने आवेदन दायर कर कहा कि उनके मुवक्किल कई बीमारियों से पीड़ित है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने इस मामले में अव्यूत के अधिकार पर भी सवाल उठाया।
बचाव पक्ष की दलील का अव्यूत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने अपील की कॉपी उन्हें देने का निर्देश बचाव पक्ष को दिया।
अदालत ने इस मामले में अंसल बंधुओं पर साढ़े चार करोड़ और अन्य तीन दोषियों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने कोर्ट के पूर्व कर्मचारी दिनेश चंद शर्मा, पीपी बत्रा और अनूप सिंह को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी।