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एक पक्षीय आदेश पर फिर सुनवाई कर सकेगा यूपी रेरा

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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की पीठ अब अपने एक पक्षीय आदेश पर फिर से सुनवाई कर सकेंगी। अभी तक ऐसा नहीं था। आदेश को केवल यूपी रेरा के ट्रिब्युनल में चुनौती दी जा सकती थी, लेकिन एक याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी रेरा ने नियम में बदलाव किया है। ग्रेटर नोएडा में यूपी रेरा का कार्यालय वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। तब से अब तक यूपी रेरा में 38765 शिकायत दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 30 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। शुरुआत में यूपी रेरा की पीठ अपने आदेश में बदलाव कर देती थी। खरीदार और बिल्डर के विरोध पर यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार ने एक आदेश जारी किया। इसके तहत आदेश में बदलाव या फिर से सुनवाई पर रोक लगा दी। यदि कोई शिकायतकर्ता या विपक्षी आदेश से संतुष्ट नहीं है तो उसे ट्रिब्युनल या अन्य स्तर पर अपील करनी होगी। अब इस व्यवस्था में बदलाव हुआ है। अफसरों ने बताया कि हाईकोर्ट ने एक याचिका पर आदेश दिया है। इसमें एक पक्षीय आदेश पर फिर से सुनवाई करने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर अब पीठ ने प्रार्थना पत्र आने पर ऐसे मामलों में फिर से सुनवाई शुरू की है।
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उपभोक्ता फोरम के आदेश पर भी सुनवाई
यूपी रेरा की पीठ आगरा के उपभोक्ता फोरम के आदेश पर भी सुनवाई कर रही है। फोरम ने खरीदार की शिकायत पर पैसा लौटाने का आदेश दिया था। इसका पालन नहीं करने पर आरसी जारी की गई। बिल्डर ने यूपी रेरा में अपील की, लेकिन यूपी रेरा ने ऐसा नियम नहीं होने का हवाला दिया। बिल्डर हाईकोर्ट चला गया। वहां से हाईकोर्ट ने यूपी रेरा को सुनवाई का आदेश दिया। यूपी रेरा ने सुनवाई की। बिल्डर ने खरीदार को दूसरी जगह भूखंड देने का दावा किया, लेकिन खरीदार नहीं माना। इस पर पीठ ने बिल्डर को पैसा लौटाने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर पीठ उन मामलों पर फिर से सुनवाई कर सकती है, जिनमें एक पक्षीय आदेश हुआ है। सुनवाई में दूसरे पक्ष को भी सुना जाएगा। इससे पहले ऐसा नहीं था। - बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा
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