लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं के पुतले जलाने के तय तिथि में बदलाव कर दिया है। एसकेएम अब 15 अक्तूबर की जगह 16 को पुतला दहन करेंगे।
भाकियू किसान यूनियन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के अनुसार, 15 तारीख को होने वाले पुतला दहन कार्यक्रम अब एक दिन बाद 16 को किया जाएगा। एसकेएम ने धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचने से जुड़े बयान आने के बाद यह फैसला लिया। गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी गिरफ्तारी न होने से किसानों में गुस्सा है।
26 को होगा किसान महापंचायत
एसकेएम ने 10 अक्तूबर को दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से एलान किया था कि 15 को पीएम मोदी और अमित शाह का पुतला दहन करेंगे। साथ ही 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान मोर्चा महापंचायत और 18 अक्तूबर को देशभर में रेल रोकने का एलान किया था। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली की सीमाओं पर महीनों से चल रहे कृषि कानूनों के विरोध के दौरान लगभग 750 किसानों की मौत पर संसद में एक बार दुख व्यक्त करना चाहिए।
18 अक्तूबर को रेल रोको
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा था कि लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 15 अक्तूबर को दशहरा पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकेंगे। लखीमपुर खीरी की घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 15 अक्तूबर को पुतला दहन होगा। 18 अक्तूबर को 6 घंटे ट्रेन रोकी जाएगी। 26 अक्तूबर को किसान मोर्चा महापंचायत करेगा। एसकेएम ने पुतला दहन कार्यक्रम को 15 की जगह अब 16 अक्तूबर को करेंगे।